
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : जिले में बारिश ने जहां मौसम को खुशगवार बना दिया वहीं दूसरी ओर कोह’राम मचाते हुए सामान्य जनजीवन को बड़ी बुरी तरह से प्रभावित कर रखा है और ये बात सिर्फ किसी एक बारिश के मौसम की नहीं है. भीषण गर्मी के बाद थोड़ी सी बारिश से जिले में बा’ढ़ जैसे हालात भी बन जाना अब कोई नई कहानी नहीं रह गई है.


सोमवार सुबह थोड़ी सी ही बारिश में शहर का चप्पा-चप्पा अपनी बद’हाली पर आंसू बहा रहा है. शहर की कोई एक भी ऐसी सड़क या गली नहीं जहां जलज’माव, कीचड़ और गंध से लोग परेशान न हों. खासकर गोला रोड, अंडीगोला, मोतीझील, इमलीचट्टी रोड की तो हालत ऐसी हो गयी है कि उस पर आवागमन करना मुश्किल हो गया है. मिठनपुरा, पुरानी बाजार आदि कई इलाकों में जलजमाव से गड्ढे भरे होने से कई इलाकों में पैदल राहगीर हो या साइकिल-बाइक सवार व्यक्ति गिर कर ज’ख्मी हो रहे हैं.

वहीं धर्मशाला चौक, गोला रोड, अंडीगोला, बनारस बैंक चौक, नई बाजार, जेल रोड, सोडा गोदाम रोड आदि इलाकों में जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल और बाइक सवार गिर रहे हैं. महिलाएं ,वृद्ध और बच्चों का तो हाल बुरा है. वे स’हम-सह’मकर रास्ते पर गुजरने को ला’चार हैं. सबसे ज्यादा परेशानिया स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है. गली-मोहल्लों अथवा सड़क किनारे बनीं नालियों की नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण उनमें जमा कूड़े-कचरे की वजह से बजबजाती नाले-नालियां जाम हो जाते हैं, जल निकासी बाधित हो जाती है और सड़कों पर पानी जमा हो जाता है जिससे सामान्य दिनों का सामान्य यातायात तक बुरी तरह मुश्किल में पड़ जाता है. बारिश से जिले के कई निचले मुहल्लों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से घरों में पानी घुस गया है.

दिक्कत यही है कि नगर निगम को होश ही ठीक तब आता है, जबकि बारिश की आफत सड़कों पर नाव चलवाने को मज’बूर कर देती है. आपात स्थिति आने से पहले ही क्या उसकी रोकथाम के बंदोबस्त नहीं किए जा सकते हैं? नगर निगम में चलते सालों भर घमा’सान व अंतर्क’लह और सरकारी महकमों में तालमेल की कमी का खा’मियाजा आम जनता क्यों भुगते? हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर की ना’रकीय स्थिति देख कर तो बस यही कहा जा सकता है की शहर की परवाह न तो नगर आवास विभाग मंत्री को है और न ही सांसद को.


