सावन मास की दूसरी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए पहलेजा स्थित दक्षिण-वाहिनी गंगा का जल लेकर करीब दो लाख डाक-ब’म बाबा नगरी गरीबनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। डाक कांवरियों को हर हाल में 12 घंटे के भीतर सूबे की सबसे कांवर यात्रा पूरी कर बाबा नगरी पहुंचना होगा। बाबा गरीबनाथ धाम के बाद उत्तर बिहार के दूसरे बड़े धाम डभैच्छ स्थित बाबा दरवेश्वरनाथ धाम और अन्य शिवालयों की ओर डाक-ब’म का ज’त्था लगातार कू’च कर रहें हैं। मौसम अनुकूल होने से सुबह से ही डाक-बम का ज’त्था लगातार बाबा नगरी की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

पहलेजा से लेकर सोनपुर एवं हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 77 कांवरिया पथ गेरूआ रंग से रंग गया है। भी’ड़ के कारण एनएच 22 फोरलेन पर वन-वे व्यवस्था रविवार की सुबह से ही डाक-ब’म भक्तों को लेकर आने वाली गाड़ियां हाजीपुर होते सोनपुर पहलेजा घाट की ओर कू’च कर रही थी। ताजपुर, महुआ हाजीपुर, महनार, जंदाहा रोड, एनएच 77, हाजीपुर-सोनपुर एनएच 19 कांवरियों की गाड़ियों की लं’बी क’तार लगी थी।

गाड़ियां धीरे-धीरे आगे की ओर सरक रही थी। समस्त उत्तर बिहार के दूर-द’राज जिलों के कांवरियों के पहलेजा घा’ट पहुंचने का सिलसिला शनिवार की रात से ही शुरु हो गया था। वैशाली, सारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर आदि पड़ोसी जिले से डाक कांवरियों का ज’त्था सुबह से आने लग गए।बाबा हरिहरनाथ मंदिर : सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए भक्त-श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर न्यास समिति की ओर से व्यापक बं’दोबस्त किए गए हैं। सुबह दैनिक पूजा-अनुष्ठान के बाद मंदिर का पट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया जाएगा।

नगर महादेव पा’तालेश्वर स्थान : हाजीपुर कटरा मोहल्ला स्थित अति प्राचीन बाबा पा’तालेश्वरनाथ धाम में पहली सोमवारी पर उमड़ आने वाली श्रद्धालुओं की भी’ड़ को देखते हुए व्यापक रूप से तैयारियां की गई है। मंदिर के पुजारी आचार्य प्रशांत तिवारी ने बताया कि सुबह से ही भक्तों की उ’मड़ने वाली भी’ड़ के मद्देनजर ब्रह्ममुहूर्त में ही दैनिक पूजा का कार्य संपन्न कर लिया जाएगा।
इसके बाद भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर का पट खोल दिया जाएगा। विशालेश्वरनाथ शिवालय भी हाल के वर्षों में आस्था का केंद्र बन गया है। आम दिनों में भी श्रद्धालुओं की यहां भी’ड़ जुटती है।
सालों भर पूजा-पाठ, रूद्राभिषेक व विविध अनुष्ठान संपन्न कर मन्नत उतारने शहर व पूरे जिले से लोग पहुंचते हैं। मंदिर में सावन उत्सव शुरू हो गया है। सोमवारी को श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए यहां विशेष व्यवस्था की गई है।
