सुप्रीम कोर्ट राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि वि’वाद में मंगलवार से रोजाना सु’नवाई करेगा। मध्यस्थता के माध्यम से कोई आसान हल निकलने का प्रयास विफल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मा’मले की रोजाना सु’नवाई करने का फैसला किया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ मा’मले की सु’नवाई करेगी।

पीठ में न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। पीठ ने दो अगस्त को तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया था।

मध्यस्थता समिति के प्रमुख उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला थे। पीठ ने कहा था कि करीब चार महीने चली मध्यस्थता प्रक्रिया का अंतत: कोई परिणाम नहीं निकला।



