अ’जीबोगरीब: लोग 108 एम्बुलेंस सेवा में कॉल कर कहते है- ‘हैलो…108 एम्बुलेंस सेवा, मेरी शादी नहीं हो रही क्या करूं’, देखें…

हैलो 108 एम्बुलेंस सेवा से बोल रहे हैं…मैं बलिया से भूरे लाल बोल रहा हूं। मेरी शादी नहीं हो रही है। विज्ञापन दे चुका हूं। वेबसाइट पर खोजबीन जारी। यदि आप थोड़ी मदद कर देंगे तो मेरा घर बस जाएगा। 108 कॉल सेंटर का कर्मचारी फोन पर जवाब देता है…देखिए यह एम्बुलेंस सेवा का कॉल सेंटर है। यहां सिर्फ एम्बुलेंस मिलती हैं। शादी-ब्याह नहीं कराए जाते। आपने गलत नम्बर डायल किया है। यह कहकर कर्मचारी फोन काट देता हैं।

गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस सेवा मुहैया कराने के लिए प्रदेश में 108 व 102 एम्बुलेंस सेवा चल रही है। आशियाना में जीवीकेईएमआरआई संस्था एम्बुलेंस का संचालन कर रही है। कॉल सेंटर में रोजाना 108 एम्बुलेंस के लिए 40 से 45 हजार फोन आते हैं। करीब 30 से 32 हजार फोन फर्जी आ रहे हैं। 102 एम्बुलेंस के लिए 50 हजार फोन आ रहे हैं इनमें से 20 से 25 हजार फोन ही जरूरतमंद के होते हैं।

108 की प्रदेश में 2200 एम्बुलेंस हैं। लखनऊ में इनकी संख्या 44 है। कॉल सेंटर में एक वक्त पर 175 कर्मचारी फोन सुनते हैं।

102 की 2270 तथा लखनऊ में 34 एम्बुलेंस है। कॉल सेंटर में एक समय पर 275 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।

250 एएलएस एम्बुलेंस का संचालन हो रहा है।

इमरजेंसी सेवाओं पर बेवजह फोन न करें। गैरजरूरी फोन कॉल से जरूरतमंद इमरजेंसी सेवा से महरूम हो सकते हैं। इससे मरी’ज की जा’न जो’खिम में पड़ सकती है।

Input: Hindustan

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