गूगल के माध्यम से रैकेट का सरगना सुजीत यहां ग्राहकों को लाता था। उसने इंटरनेट पर अपना नंबर दे रखा था, जिस पर ग्राहक उसे कॉल करते थे। खाते में रुपये डलवाने के बाद वह ग्राहकों को अपार्टमेंट तक बुलवाता था. सेक्स रैकेट माफिया लड़कियों की सुंदरता व कद-काठी के आधार पर ग्राहकों से रुपये वसूलता था। पांच से लेकर 20 हजार रुपये तक लिये जाते थे। जिन ग्राहकों को माफिया पहले से जानता था, उन्हें कॉल गर्ल को बाहर भी ले जाने की इ’जाजत थी।
इसके लिए अतिरिक्त रुपये वसूले जाते थे. तफ्तीश में यह बात सामने आयी है कि रैकेट के माफिया की पत्नी ट्रेन व बसों में लड़कियों को नौकरी लगवाने का झां’सा देकर जि’स्मफरोशी के अड्डे तक ले आती थी। मुक्त कराई गई लड़की ने बताया कि उसकी मुलाकात रानी थापा से ट्रेन में हुई थी। वह झूठ बोलकर उसे यहां तक ले आयी। माफिया सुजीत कुमार के मोबाइल में कई कॉल गर्ल और ग्राहकों के नंबर पुलिस को मिले हैं।
उसमें कॉल गर्ल की तस्वीर भी है। पुलिस की मानें तो वाट्स एप पर किया गया चैट यह प्रमाणित करता है कि सुजीत जि’स्मफरोशी का धंधा कई दिनों से चला रहा था। सेक्स रैकेट माफिया वाट्स एप पर कॉल गर्ल की तस्वीर ग्राहकों को भेजा करता था। जिस नंबर से वह तस्वीरों को भेजता था, उसी को उसने इंटरनेट पर भी डाल रखा था। तस्वीर भेजने और ग्राहक की हरी झंडी मिलने के बाद ही आगे की जानकारी उन्हें दी जाती थी।



