स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अ’स्पतालों में डयूटी के दौ’रान गा’यब रहने वाले 194 डॉक्टरों के खि’लाफ का’र्रवाई की है। इनमें 83 डॉक्टरों को एक वेतन वृद्धि रोकने का दं’ड दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर 111 डॉक्टरों के मानदेय में एक सप्ताह की क’टौती की गयी है। जिल डॉक्टरों पर का’र्रवाई की गई है इनमें ड्यूटी पर देर से आने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं।स्वास्थ्य विभाग ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई), नई दिल्ली द्वारा राज्य के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में निरीक्षण के दौ’रान डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने और ड्यूटी पर देर से आते पाए जाने पर यह का’र्रवाई की है। वर्ष 2018 के नवंबर और अप्रैल एवं मई, 2019 में अलग-अलग तिथियों को एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के निरीक्षण के लिए बिहार आयी थी। उस दौ’रान बड़ी संख्या में डॉक्टर अस्पतालों से गा’यब पाए गए थे
वर्ष 2018 के नवंबर और अप्रैल एवं मई, 2019 में अलग-अलग तिथियों को एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के निरीक्षण के लिए बिहार आयी थी। उस दौ’रान बड़ी संख्या में डॉक्टर अस्पतालों से गा’यब पाए गए थे. एमसीआई की टीम 26 नवंबर 2018, 15 अप्रैल और 03, 04, 10 व 16 मई को बिहार दौरे पर आयी थी। दं’डित किए गए डॉक्टरों में बिहार चिकित्सा सेवा संवर्ग के संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षक, सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर, जूनियर रेजिडेंट एवं नियमित चिकित्सा शिक्षक शामिल हैं। इनमें 26 नियमित चिकित्सा शिक्षक भी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव विवेकानंद ठाकुर द्वारा जारी आदेश में इन सभी डॉक्टरों को हिदायत दी गयी है कि वे भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं करें।


