#PATNA #BIHAR #INDIA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल रंग लायी है। उफनती गंगा के बावजूद फरक्का से कम पानी निकलने से चिंतित सीएम ने जब खुद केंद्र सरकार के स्तर पर वार्ता की तो उसका असर हुआ। दो दिनों में ही फरक्का बराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी अधिक निकलने लगा। इसका असर यह हुआ कि गंगा भले ही बक्सर से लेकर भागलपुर तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, लेकिन सोमवार की तुलना में मंगलवार को पानी में अधिक वृद्धि नहीं हुई। कहलगांव को छोड़ बाकी स्थानों पर पानी में कमी आई है। इससे पटना को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने फरक्का बराज की ताजा स्थिति को ट्विटर पर साझा किया। ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री की पहल रंग लाई। 22 सितम्बर को फरक्का बराज से मात्र 16.50 लाख क्यूसेक पानी ही निकल रहा था। लेकिन सीएम के बात करते ही 23 सितम्बर को यह 18 लाख तक आ गया, जबकि 24 सितम्बर यानी मंगलवार को फरक्का बराज से 19 लाख क्यूसेक पानी बाहर जा रहा है। मंत्री ने भरोसा जताया कि गंगा की उफान अब कम होगी।

वहीं, जल संसाधन विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रयागराज यानी इलाहाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। वाराणसी के साथ ही बक्सर, पटना, मुंगेर और भागलपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लेकिन सोमवार की तुलना में भागलपुर को छोड़ बाकी स्थानों पर इसमें कमी आई है। बक्सर में गंगा के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की कमी आई है। पटना के दीघा, गांधी घाट और हाथीदह में पानी यथावत है। पिछले 24 घंटे में कोई वृद्धि नहीं हुई। मुंगेर और भागलपुर में भी पिछले 24 घंटे में गंगा के पानी में कोई वृद्धि नहीं हुई है। लेकिन भागलपुर के कहलगांव में आठ सेंटीमीटर पानी बढ़ा। पुनपुन नदी का पानी श्रीपालपुर में भी यथावत स्थिति में है।

अधिकारियों के अनुसार फरक्का के कई गेट खुलने से गंगा का पानी तेजी से निकल रहा है। एक- दो दिनों में पटना में भी गंगा खतरे के निशान से नीचे आ जाएगी। वहीं बागमती नदी का पानी सीतामढ़ी के बेनीबाद, बूढ़ी गंडक का पानी खगड़िया, कमला बलान का पानी मधुबनी के जयनगर और झंझारपुर रेल पुल के समीप खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जल संसाधन विभाग ने अपने अधीन के सभी तटबंधों को सुरक्षित होने का दावा किया है।

Source : live hindustan
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