#PATNA #BIHAR #INDIA :. पटनाजलमग्न पर बात करते हुए आज पटना नगर निगम के महापौर सीता साहू बोलती बंद हो गई। पत्रकारों से बात करते हुए पटना की महापौर सीता साहू ने कहा कि चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। जब कहा गया कि हर जगह चुना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं किया जा रहा है ,खास खास जगहों पर ही चुना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है । इस पर सीता साहू ने कहा कि हम सभी जगह छिड़काव करवाएंगे। वहीं इन सारी गलतियों को वुडको पर मढ़ते हुए पटना महापौर सीता साहू ने कहा कि बुडको के कारण ही आज इतनी बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सभी सम्प हाउस को पीएमसी के सुपुर्द कर देना चाहिए,जो अब तक बुडको के अंदर आता है।

वहीं वार्ड नंबर 67 के पार्षद मुन्ना जायसवाल नगर निगम के कमियों को छुपाते हुए इन सारे गलतियों के लिए बुडको को जिम्मेदार ठहराया। पटना महापौर सीता साहू ने कहा कि अगले 2 दिनों में पूरे पटना का पानी निकाल देंगे । पटना महापौर सीता साहू ने साफ तौर पर कहा कि यह प्राकृतिक आपदा था ,इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। और जब उनसे यह कहा गया कि यह पानी किसी नदी के बाढ़ से नहीं आया था “मैडम” बल्कि यह बारिश का पानी था और अगर 60% और बरसात हो जाती तो शायद पूरा पटना डूब जाता। इस पर सीता साहू ने चुप्पी साध ली। हालांकि देखा जाए तो पूरे पटना नगर निगम के पार्षद महापौर सभी लोग इस जलजमाव के लिए बुडको को ही जिम्मेदार ठहराते हुए नजर आए। वहीं जब पत्रकारों ने कहा कि इन सारे गलतियों की जिम्मेवार महापौर और उनके पार्षद हैं। और नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।पुछे जाने पर क्या वह अपना इस्तीफा दे देंगी ।

इस पर महापौर सीता साहू ने कहा कि हम क्यों इस्तीफा देंगे , हम तो इस आपदा की घड़ी में हर जगह लोगों के बीच दौड़ते रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि पटना में टोटल 39 सम्प हाउस है और उसमें से कितना सम्प हाउस चालू था। इसका कोई जवाब सीता साहू नहीं जुटा पाई। जब पत्रकारों ने कहा कि बुडको ने पटना नगर निगम पर इल्जाम लगाया है कि नाले की सफाई सही तौर पर नहीं की गई थी, जिसके कारण आज इतना बड़ा जल जमाव का संकट आया। इस पर पटना महापौर सीता साहू ने कहा कि सभी नाले की सफाई की गई है , बुडको झूठ बोलता है उन्होंने कहा कि नाला उड़ाई का 6 करोड़ का बजट था और नाला उड़ाई का काम किया गया। यहां पर आपको बता दें कि इस बार पटना नगर निगम में डेढ़ सौ करोड़ की उपकरण खरीदा है और फिर भी पटना जल मग्न हो गया।
