#BIHAR #INDIA : राज्य के सरकारी विद्यालयों के बच्चे हाथ धुलाई का महत्व जानेंगे। शिक्षा विभाग ने बच्चों को विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाने के लिए हाथ धुलाई के महत्व को विस्तार से उन्हें बताने का निर्णय लिया है। इसके लिए 15 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस पर विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अभियान की मॉनिटरिंग जिला एवं राज्यस्तर के पदाधिकारी करेंगे। आयोजन विद्यालय के विकास निधि से होगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपी) ने हाथ धुलाई दिवस पर जिला, प्रखंड, संकुल और विद्यालय स्तर पर होने वाली गतिविधियां तय कर दी हैं। बीईपी के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने सभी डीपीओ प्रारंभिक शिक्षा एवं डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

हाथ धोने से बच सकते हैं इन बीमारियों से
निदेशक ने जिलों को भेजे पत्र में कहा है कि कई प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धुलाई आवश्यक है। साबुन से हाथ धोने से डायरिया, दस्त, पीलिया जैसे रोगों से बचा जा सकता है। प्राय: देखा गया है कि बच्चों को हाथ धुलाई की जानकारी नहीं रहती है और इससे वे कई बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। इसलिए अभियान चलाकर विद्यालयों में हाथ धुलाई की शिक्षा दी जानी जरूरी है।

अभियान के तहत ये गतिविधियां होंगी
जिला स्तर पर 15 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में अंतरराष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इसका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जिला मुख्यालय के कुछ विद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों के सहयोग से रैली निकाली जाएगी। प्रखंड, संकुल एवं विद्यालय स्तर पर 15 अक्टूबर को हाथ धोने की प्रक्रिया एवं उनके महत्व को बच्चे जन-जन तक पहुंचायेंगे। विद्यालयों में हाथ धोने के लिए नियमित रूप से साबुन एवं पानी की व्यवस्था की जाएगी। मध्याह्न भोजन से पहले एवं शौच के बाद हाथ धोने की व्यस्था एवं विद्यार्थियों में इसका अभ्यास सभी विद्यालयों में सुनिश्चित होगा।
