बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव दीपक प्रसाद ने कहा कि आरटीपीएस में पहले से 61 सेवाओं को शामिल किया गया है। इसमें अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के निर्गत को भी शामिल किया गया है। दोनों प्रमाणपत्र प्रखंड के सांख्यिकी पर्यवेक्षक निर्गत करेंगे। इनके यहां जन्म अथवा मृत्यु के एक माह के अंदर आवेदन देना होगा। छह दिनों के अंदर प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर इसके लिए जिला स्तर पर जिला साख्यिकी पर्यवेक्षक और उसके बाद जिलाधिकारी के यहां अपील का प्रावधान भी रखा गया है। दोनों ही स्तर पर अपील का निष्पादन 15-15 दिनों के अंदर होगा। एक माह से अधिक दिनों के बाद आवेदन करने पर इसके लिए प्रमाणपत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के स्तर से निर्गत होगा। जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त में अगर बाद में नाम जुड़वाना है तो इसके लिए भी बीडीओ को अधिकृत किया गया है।

