संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता दिलाने के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि इसके लिए लंबे धैर्य, प्रयास और आकांक्षा की आवश्यकता पड़ेगी और इससे सरकार कभी पीछे नहीं रहेगी। उच्च सदन में विदेश नीति और हाल में की गयी शीर्ष स्तरीय विदेश यात्राओं के बारे में जयशंकर के स्वत: आधार पर दिये गये बयान पर विभिन्न सदस्यों द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण के जवाब में विदेश मंत्री ने यह बात कही। इस मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा कि हम तो चाहेंगे कि यह हमें ”जल्द मिले। ”किंतु व्यावहारिक दृष्टिकोण का तकाजा यह है कि इसमें काफी धैर्य और लंबे प्रयास करने पड़ेंगे।

उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया, ”हम लंबा धैर्य, लंबे प्रयासों और बड़ी आंकाक्षा करने के मामले पीछे नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम प्रगति कर रहे हैं। पिछले दिनों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल में की गयी विभिन्न विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि हमें अपने शीर्ष नेताओं की यात्राओं से काफी लाभ मिला। उन्होंने उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की खाड़ी के तीन देशों की यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में हमारे 80 से 90 लाख नागरिक हैं। इन यात्राओं के दौरान वहां काम कर रहे भारतीय कामगारों के कल्याण एवं सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया।

