
VAISHALI/MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : वैशाली के 22 करोड़ के सोना लू’टकांड के बाद पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय के दिशा निर्देश पर गठित सबसे बड़ी एसआईटी टीम ने 2 लोगों को हि’रासत में लिया है. एसआईटी टीम हिरा’सत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से पू’छताछ कर रही है. उम्मीद जताई जा रही है की एसआईटी को लू’ट के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण सुरा’ग हाथ लगे हैं. वैशाली के हाजीपुर में शनिवार 23 नवम्बर को दिनदहाड़े हु’ई लू’टकांड के 10 दिनों बाद एसआईटी के हाथ कुछ सु’राग लगे हैं, जिसके आधार पर टीम आगे की जां’च में जुटी है.

लू’टकांड के बाद गठित एसआईटी टीम ने वैशाली, सारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सिवान और चम्पारण में दर्जनों स्थानों पर छा’पेमारी कर कई संदि’ग्धों को हिरा’सत में लेकर पूछताछ की थी पर कोई खास सफ’लता नहीं मिली थी. तिरहुत रेंज के आईजी गणेश कुमार ने दो अपरा’धकर्मियों के गिर’फ़्तारी की पुष्टि करते हुए बताया की मुथूट फाइनेंस कंपनी के कार्यालय से 55 किलो सोना लू’ट कां’ड मामले में गठित एसआईटी टीम द्वारा लगातार छा’पेमारी की जा रही थी. वैज्ञानिक पद्धति और मान’वीय श्रो’तो के आ’धार पर की गई का’र्रवाई से दौरान दो अपरा’धियों को गिर’फ्तार किया गया है, जिनसे पू’छताछ की जा रही है.

मुख्यालय के दिशा निर्देश पर गठित एसआईटी टीम के नेतृत्वकर्ता सह तिरहुत रेंज के आईजी गणेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि हाजीपुर नगर थाने के अमरपुर निवासी आसिफ उर्फ आशु और बिदुपुर के रहीमपुर निवासी निशांत उर्फ बाबा अपने घर पर आया हुआ है. मिली सूचना के सत्यापन उपरांत एसआईटी टीम ने तत्क्षण धा’वा बोलकर दोनों को मौके से गिर’फ्तार कर लिया.
आईजी श्री कुमार बताया कि छा’पेमारी के दौरान निशांत उर्फ़ बाबा के घर से मुथूट फाइनेंस कार्यालय के कुछ कागजात और सोना लू’ट कां’ड की घट’ना में इस्ते’माल की गई मोटरसाइकिल और दो मो’बाइल भी बरा’मद किया गया है. इसके साथ ही गिर’फ्तार दोनों अपरा’धकर्मियों ने मुथूट फाइनेंस लू’टकांड समेत कई अन्य लू’टकां’डों में अपनी संलि’प्तता स्वीकार की है. आईजी श्री कुमार बताया कि गिर’फ्तार अपरा’धियों के स्वीकारोक्ति बयान और उनके पास से बरामद मोबाइल के कॉल डिटेल और सीडीआर के आधार पर पुलिस और सर्वि’लांस टीम इनके अन्य साथियों की तला’श में छा’पेमारी कर रही है.

पुलिस पूछताछ में बिदुपुर थाना क्षेत्र के रहीमापुर गांव का बाबा उर्फ निशांत झा ने बताया है कि मुथूट फाइनेंस सोना लू’टकांड में कुल तेरह अपरा’धकर्मी शामिल थे. कार्यालय में कुल 7 से 8 अपरा’धियों ने घटना को अंजा’म दिया था, वहीं बाकी अपरा’धकर्मी मुथूट कंपनी के कार्यालय के बाहर और थाना के आसपास पुलिस और स्थानीय लोगों की गति’विधियों पर नजर रख रहे थे. बिहार के सबसे बड़े सोना लू’टकांड की घटना को अंजा’म देने वालों अपराध’कर्मियों में वैशाली जिले के 6 अप’राधी व बाकी दूसरे राज्य व दूसरे जिले के भी अन्य अप’राधी शामिल थे.

शनिवार 23 नवम्बर को घट’ना को अंजा’म देने से पहले गि’रोह के शा’तिरों ने मुथूट फाइनेंस कार्यालय की अच्छी तरह से रे’की कर रखी थी और घट’ना को अंजा’म देने के दौरान पुलिस से आमना सामना होने पर भा’गने के सभी रास्तों की पूरी तरह से जान’कारी हासिल कर रखी थी. विदित हो की शनिवार 23 नवम्बर को वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित सिनेमा रोड के अनवरपुर चौक के पास नका’बपोश अपरा’धियों ने मुथूट फाइनेंस के कार्यालय में दिनद’हाड़े धा’वा बोल कार्यालय में रखा 55 किलो सोना लू’ट लिया था, जिसकी कीमत लगभग 22 क’रोड़ रूपए बताई गई थी.

बता दें कि हाजीपुर में हुए बिहार के सबसे बड़े सोना लू’टकांड के उद्भेदन हेतु बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) के दिशा निर्देश पर सबसे बड़ी एसआईटी टीम का गठन किया गया. उक्त एसआईटी में पांच वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक और चार पुलिस उपाधीक्षक शामिल हैं. आईजी मुख्यालय नैय्यर हसनैन खान ने तिरहुत रेंज के आईजी गणेश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सबसे बड़ी लू’ट कांड के उद्भेदन हेतु तेजत’र्रार अधिकारियों को शामिल कर एसआईटी का गठन किया.

एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो, मुजफ्फरपुर से वरीय पुलिस अधीक्षक जयंतकान्त, वैशाली के प्रभारी पुलिस अधीक्षक मृत्युंजय कुमार चौधरी, सीआईडी के पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार, एसटीएफ के डीएसपी दिलीप कुमार, सदर डीएसपी हाजीपुर राघव दयाल, महुआ डीएसपी नुरुल हक़ और महनार डीएसपी रजनीश कुमार जैसे तेजत’र्रार अधिकारियों को सम्मिलित कर एसआईटी टीम का गठ’न किया गया है, जिसका नेतृत्व तिरहुत रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गणेश कुमार कर रहे हैं. मामले में आईजी श्री कुमार द्वारा 7 अपराधकर्मियों के स्केच जारी किये गए थे. जारी स्केच से ही गिर’फ्तार दो अपरा’धियों की पहचान हो पाई है.

