#MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : बाल विवाह एवं दहेज प्रथा समाज के मुंह पर एक ब’दनुमा दा’ग है। इस कुरीति का जड़ से खा’त्मा जरूरी है। लिहाजा सरकार के द्वारा भी इसके उन्मूलन हेतु ठोस प्रयास किये जा रहे है। उक्त बात अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी अनिल कुमार दास ने राज्यस्तरीय बाल विवाह/देहेज प्रथा उन्मूलन अभियान के उद्घाटन के मौके पर कही। जिले के पश्चिमी अनुमंडल के माननीय मुखियागणों के उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ साथ सामुदायिक भागीदारी भी जरूरी है।

दिनांक 2 दिसम्बर से 4 दिसंबर तक चलने वाले बाल विवाह एवं दहेज उन्मूलन राज्यव्यापी अभियान के तहत पश्चमी अनुमंडल स्तरीय मुखियाओं का उन्मुखीकरण कार्यशाला का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के दुसरे दिन कांटी एवं कुढ़नी प्रखंड के मुखिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अपने सम्बोधन में अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा की सरकार बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध अभियान चला रखा है और इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बाल विवाह की स्थिति मे शामिल हर व्यक्ति दोषी होगा चाहे बाराती-सराती वाले हो या मौलवी -पण्डित, बाजे वाले, टेन्ट वाले, कैटरर सभी पर कार्रवाई होगी। महिला विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक ने कार्यशाला में बताया की कानून बने हैं परंतु बिना सोच में बदलाव के सामजिक परिवर्तन पुर्ण नही होता। व्यापक जागरुकता के जरिये लोगों की मानसिकता में बदलाव लाते हुए इन कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। अभियान तभी सफल होगा जब हम सब मिलकर इसके विरुद्ध आवाज़ उठायें। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर चर्चा की और कहा कि उक्त कुप्रथा का उन्मूलन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होने बताया की बाल विवाह की सम्भावना/ घटना के संबंध में सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को सुचित कर सकते है साथ ही कोई 181, 1098 एवं बन्धन तोड़ एप पर भी सूचना दी जा सकती है। चंदा कुमारी प्रशिक्षक द्वारा मुखियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। बाल विवाह अधिनियम, जिला अनुमंडल प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय टास्क फोर्स के कार्य एवं विवाह निबंधन प्रपत्र पर चर्चा की। कार्य शाला में बेटी बचाओ बेटी पढ़ओ, कन्या उत्थान योजना, महिला हेल्प्लाईन योजना पर भी चर्चा की गई।


