सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के बयान को लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है. सत्ता पक्ष के नेताओं के अलावा अब विपक्ष के नेताओं ने भी टीएमसी सांसद के बयान की निंदा की है. सूबे के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सांसद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खेद प्रकट किया है. हालाँकि इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बचाव करते हुए बेहद संतुलित बयान दिया है.
गुरुवार को विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जो लोग भी ऐसे बयान देते हैं, उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए. ये दुखद है. बिहार लोकतंत्र की जननी है. बिहार महापुरुषों की कर्म भूमि रही है. महात्मा गांधी, बुद्ध, महावीर सभी लोगों ने यहां से काम किया. विश्व का पहला विश्वविद्यालय नालंदा भी यहीं है. बिहार के लोग मेहनती होते हैं, सबसे ज्यादा आईएएस-आईपीएस देश को बिहार ने दिया तो इस तरह देश को बनाने का काम भी बिहार के लोग कर रहे हैं. इसलिए अगर कोई ऐसा बयान देता है तो हम खेद प्रकट करते हैं.
हालांकि, इस दौरान राजद नेता ने ममता बनर्जी का बचाव भी किया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी या उनके पार्टी का ये बयान नहीं है. ये किसी इंडिविजुअल का बयान है. इसलिए इसपर ज्यादा टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है. मालूम हो कि निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने आइटी कमेटी की बैठक में तीन बार उन्हें बिहारी गुं’डा कहा. देवघर से सांसद और बीजेपी नेता दुबे ने मोइत्रा पर यह आरोप अपने एक ट्वीट में लगाया है.

जबकि टीएमसी सांसद ने बीजेपी नेता निशिकांत दुबे को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें आरोपों पर हंसी आ रही है, जब बैठक में निशिकांत दुबे मौजूद ही नहीं थे तो उन्हें कुछ कहने का सवाल ही कहां से आया.