मुजफ्फरपुर : बारिश के कारण जलजमाव से घिरे शहर और आसपास के गांव से पानी निकासी का आदेश ताे जारी हाे गया, लेकिन समस्या यह है कि पानी फेंकें कहां और कैसे? पंप लगाकर पानी फेंकने से एक माेहल्ले का पानी दूसरे में जाएगा। शहर में नगर निगम अभी जल निकासी के लिए 45 जगहाें पर हैवी पंप चलवा रहा है। इसमें 30 पंप सेट से एक माेहल्ले का पानी दूसरे माेहल्ले की ओर फेंका जा रहा है। 15 पंप सेट ही केवल शहर के बाहर नदी, मन व चाैर में पानी पहुंचा रहे हैं। इससे समस्या का निदान नहीं हाे रहा, बल्कि नए इलाके में पानी पहुंच रहा है। यही वजह है कि डीएम का आदेश जारी हाेने के 24 घंटे बाद भी मुशहरी सीओ ने पंप से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की है।
उन्हाेंने कहा कि पंप सेट भाड़े पर लेने के लिए संपर्क किया जा रहा है। शेखपुर के पीड़िताें ने अपने खर्च से अखाड़ाघाट में पंप लगवाया है। इससे सड़क के पूर्व से पश्चिम की ओर पानी जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर के माेहल्ले के लाेगाें का विराेध है कि उनके घर ताे पहले से डूबे हैं। ऐसे में उनके इलाके में पानी क्याें जाएगा? उल्लेखनीय है कि बूढ़ी गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर जाते ही सिकंदरपुर स्लुइस गेट काे बंद कराया गया है। यहां दाे पंप सेट से पानी नदी की ओर फेंका जा रहा है। कमरा माेहल्ले के पास स्लुइस गेट बंद नहीं किया गया, लेकिन नदी का पानी बढ़ने से धीमी गति से शहर का पानी नदी की ओर जा रहा है। नगर निगम के बहलखाना प्रभारी रामलला शर्मा ने बताया, यही स्थिति रही ताे शनिवार काे कमरा माेहल्ला स्लुइस गेट के पास दाे पंपसेट लगाए जाएंगे। सिकंदरपुर स्लुइस गेट बंद हाेने से वार्ड-13 व 14 इलाके में जलजमाव की समस्या गहरा गई है।


एक्सपर्ट व्यू | कच्चा नाला बना हेवी पंप से नदी में और शहर के बाहर पानी पहुंचाएं, तभी जलजमाव से छुटकारा
मुजफ्फपुर शहर कटाेरीनुमा है। इसका बाहरी इलाका ऊंचा है। जलजमाव से फाैरी निजात के लिए ढलान चिह्नित कर खुली कच्ची नालियां बना हेवी पंपसेट से पानी दूसरी जगह पहुंचाना होगा। सरकारी जमीन में तालाब खाेदने हाेंगे। शेखपुर से शहबाजपुर तक कच्चा नाला बना पानी बांध तक ले जाना हाेगा। फिर नदी में फेंकना हाेगा।

शहर के पूर्वी इलाके का पानी मणिका चौर, मध्य इलाके का पानी सिकंदरपुर मन, दक्षिण-पश्चिम इलाके का पानी फरदो नदी और बेला इलाके का पानी चंदाैली चाैर में पहुंचाना हाेगा। एनएच किनारे, बड़े खुले नाले तत्काल बनाने होंगे। बीबीगंज, फकीरा टावर आदि के नालों को उसमें जोड़ कर कनेक्शन फरदो नहर से संभव है।
तब अतिरिक्त पानी जा सकेगा। जूरन छपरा, सरैयागंज, मोतीझील तरफ से अतिरिक्त पानी पंप लगा सिकंदरपुर मन में गिराया जा सकता है। मिठनपुरा, बेला एरिया से पानी मणिका चौर में खुले नाले से पंप किया जाए। सिकंदरपुर स्लुइस गेट के पास बनारस बैंक एरिया से पानी बूढ़ी गंडक में पंप हाेते रहे। रामदलायु, शेरपुर की ओर पंप से एनएच के दूसरी तरफ पानी पहुंचाना हाेगा। – ब्रजेशवर ठाकुर, सिविल इंजीनियर सह प्लानर

नगर आयुक्त बाेले : पंप सेट लगा निकलवा रहे पानी
- पंप सेट से पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है। बूढ़ी गंडक में भी पानी बढ़ गया है। फरदाे में भी उफान है। एेसे में शहर से पानी निकासी की रफ्तार कम है। पंप कर पानी निकाला जा रहा है। -विवेक रंजन मैत्रेय, नगर आयुक्त