अजमेर/जवाजा. जवाजा के निकट ग्राम सोनियाणा में विवाहिता ने अपने सात वर्षीय बेटे और पांच वर्षीया बेटी को जहर खिलाने के बाद खुद भी जहर खा लिया। तीनों ने बुधवार को जेएलएन अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
महिला ने तीन साल पहले नाता प्रथा से दूसरा विवाह किया था। पहले पति की दो संतान बेटा व बेटी दूसरे पति की तीन संतानों के साथ रह रहे थे। माना जा रहा है कि सौतेली मां के तानों से परेशान होकर विवाहिता ने अपने दो बच्चों के साथ मौत को गले लगा लिया। महिला के दूसरे पति को पुलिस ने प्राइम सस्पेक्ट मानते हुए जांच के घेरे में लिया है।
पुलिस के अनुसार जवाजा के ग्राम पंचायत लोटियाना के गांव सोनियाणा में महिला मीना देवी (28) ने मंगलवार शाम अपने बेटे जितेंद्र सिंह (7 ) और बेटी योगिता (5) बच्चों को जहर खिलाने के बाद खुद भी जहर खा लिया। तीनों को अचेत हालत में ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें जेएलएन रैफर कर दिया गया। उपचार के दौरान महिला और उसके दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।

खाने में कीटनाशक डाल कर बच्चों को खिलाया व खुद खाया
प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि मृतका मीना ने डिप्रेशन में यह वारदात की है। उसने मंगलवार शाम खाने में कीटनाशक डाल कर पहले बेटे जितेंद्र व बेटी योगिता को खिला दिया और उनके बेहोश होने पर खुद भी खाना खाया।
पहले पति के निधन के बाद किया था नाता प्रथा से दूसरा विवाह
मीना देवी के पहले पति चिमनसिंह की 3 साल पहले मौत हो गई थी। चिमनसिंंह से उसकी दो संतान बेटा जितेन्द्र और बेटी योगिता थे। मीना का सोनियाणा निवासी देवेंद्र सिंह से नाता प्रथा से विवाह इस शर्त पर हुआ था कि उसके दोनों बच्चे भी उसी के साथ रहेंगे और उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी देवेन्द्र की ही होगी। मीना के दूसरे पति से तीन संतानें दो बेटी एक बेटा हैं। देवेंद्र सिंह ड्राइवर है और वह अक्सर शहर के बाहर गाड़ी चलाता है। देवेन्द्र की भी दूसरी शादी हुई थी। पहली पत्नी के उसके तीन संतानें थी। मृतका के दूसरे पति देवेन्द्र सिंह को जांच के घेरे में लिया गया है