बसंतपुर प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में बीडीओ देवानंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में खसरा व रूबेला रोग के टीकाकरण…
बसंतपुर प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में बीडीओ देवानंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में खसरा व रूबेला रोग के टीकाकरण अभियान व इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों की भूमिका पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। बुधवार को आयोजित इस कार्यशाला में बसंतपुर प्रखंड क्षेत्र के करीब 75 शिक्षक उपस्थित हुए। कार्यशाला को बीडीओ देवानंद कुमार सिंह, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक रतीश कुमार झा, डब्ल्यूएचओ के मॉनिटर नागेश्वर प्रसाद यादव आदि ने संबोधित किया।
इस दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक रतीश कुमार ने बताया कि खसरा और रूबेला टीकाकरण को लेकर पहले लोगों में जागरूकता लाना जरूरी है। बच्चों को टीकाकरण के लिए पहले बच्चे के माता – पिता को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसके लिए पहले अभिभावक को सूचना दें, फिर टीकाकरण का स्थान और तिथि बताना जरूरी है। अभिभावकों से मिलकर खसरा -रूबेला के टीकाकरण का महत्व समझाना आवश्यक है। इसके लिए 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों में यह टीकाकरण आवश्यक है।

बैठक करते बीडीओ व अन्य।
खांसने व छींकने से फैलता है खसरा, टीकाकरण से ही बचाव
बीडीओ ने जानकारी देते बताया कि खसरा जानलेवा बीमारी है, जो बच्चों में अपंगता व मृत्यु के बड़े कारणों में एक है। यह एक संक्रामक रोग है, जो खांसने और छींकने से फैलता है। यह रोग बच्चों में निमोनिया, दस्त, दिमागी संक्रमण जैसी घातक जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बनाता है। खसरा के कुछ खास लक्षण हैं जैसे आंखें लाल होना, नाक का बहना और तेज बुखार के साथ लाल चकते व खांसी का होना आदि। वहीं रूबेला में स्त्री को गर्भावस्था के दौरान संक्रमण के कारण माता से होने वाले बच्चे जन्मजात विभिन्न प्रकार के विसंगतियों से पीड़ित हो सकते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं गर्भवती स्त्रियों में गर्भपात, अकाल प्रसव व मृत प्रसव होने की संभावना बढ़ जाती है । इसलिए इस टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में आप लोग अपनी भागीदारी के साथ सक्रियता सुनिश्चित करें। ताकि इस अभियान को पूरा किया जा सके। बैठक में शिक्षक दामोदर प्रसाद, कुमार मनोज, देवी कुमारी, रणधीर कुमार कारक, डेटा ऑपरेटर रवि कुमार चौधरी, स्वास्थ्य कर्मी मनीष कुमार झा, बुद्धदेव झा, किशोर मरीक, उमेश कुमार गुप्ता आदि दर्जनों लोग शामिल हुए
