मुजफ्फरपुर। दो अप्रैल से पहले स्वाधार गृह मामले में विशेष कोर्ट में ब्रजेश ठाकुर के खि’लाफ आ’रोप पत्र दाखिल की जा सकती है। विशेष कोर्ट (एससी/ एसटी) ने दो अप्रैल को इस मामले की सुनवाई की तिथि तय कर रखी है। इससे पहले उसके वि’रुद्ध आ’रोप पत्र दाखिल कर दिए जाने की संभावना है।
नौ मार्च को आ’रोपित तिहाड़ जे’ल में बंद ब्रजेश ठाकुर को वीडियो कांफ्रेंसिंग से विशेष कोर्ट के समक्ष पेशी कराई गई थी। तब विशेष कोर्ट ने उसे इस मामले में न्यायिक हिरासत में ले लिया था। वह बालिका गृह मामले में तिहाड़ जे’ल में जीवनपर्यंत का’रावास की स’जा भुगत रहा है।
स्वाधार गृह मामले की आइओ महिला थानाध्यक्ष नीरू कुमारी के अनुसार विशेष कोर्ट (एससी/एसटी) में जल्द ही आ’रोप पत्र दाखिल करने की तैयारी चल रही है। स्वाधार गृह मामले में आ’रोप पत्र दाखिल होने के बाद ब्रजेश ठाकुर की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
आ’रोप पत्र के संज्ञान के बाद ब्रजेश के विरुद्ध कोर्ट में आ’रोप तय किए जाएंगे। इसके बाद उसके वि’रुद्ध सेशन-ट्रायल चलेगा। इस मामले में पुलिस साईस्ता परवीन उर्फ मधु, ब्रजेश ठाकुर के नौकर व उसके मामा रामानुज ठाकुर के विरुद्ध पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
इन तीनों को बालिका गृह मामले में दिल्ली के साकेत के विशेष कोर्ट से सजा सुनाई जा चुकी है। इसमें सजायाफ्ता रामानुज ठाकुर की मौ’त तिहाड़ जे’ल में हो चुकी है। बालिका गृह मामले में दोषी ब्रजेश ठाकुर की एनजीओ के माध्यम से संचालित कल्याणी चौक स्थित स्वाधार गृह से 11 महिलाएं व चार बच्चे गायब मिले थे।
इसका राज तब खुला जब वर्ष 2018 में बालिका गृह की लड़कियों के साथ यौ’न हिं’सा का मामला सामने आया। बाल संरक्षण इकाई के तत्कालीन सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा ने अज्ञात के वि’रुद्ध महिला थाने में प्रा’थमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में ब्रजेश व मधु सहित अन्य की संलिप्तता सामने आई थी।
