पटना। राज्य सरकार ने वर्तमान में किसानों को कृषि कार्य के लिए सस्ती बिजली के लिए खजाना खोल दिया है। इसके अलावा पुरानी योजनाओं को विस्तार दिया जा रहा है। राज्य सरकार कृषि उपभोक्ताओं को अनुदान के साथ मात्र सत्तर पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराती है।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार नए वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 6578 करोड़ रुपए का प्राविधान किया है। हर खेत को सिंचाई योजना को सात निश्चय-2 के तहत आगे बढ़ाया जा रहा। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के तहत चल रहे काम को आगे बढ़ाया जा रहा।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के सीमित आकार की वजह से नए विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले सभी उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पाती थी। इसलिए शेष आवेदकों के लिए विद्युत कनेक्शन किए जाने को ले मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना को आरंभ किया गया।
इसके तहत 67,121 कृषि विद्युत कनेक्शन दिए जाने को ले 1329.61 करोड़ रुपए की योजना सितंबर 2020 में स्वीकृत की गयी थी। इसका क्रियान्वयन हर खेत तक सिंचाई का पानी योजना में सहायक है। ऊर्जा महकमे के अनुसार कृषि कार्य के लिए अब तक 1388 डेडिकेटेड फीडर निर्माण की योजना स्वीकृत हो चुकी है।
इसकी कुल स्वीकृत राशि 6409.82 करोड़ रुपए है। अब तक 1327 डेडिकेटेड फीडर का निर्माण किया जा चुका है। इस महीने तक इस योजना के तहत तय सभी फीडर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
डीजल चालित कृषि पंप सेटों एवं नए कृषि पंप सेटों को बिजली का कनेक्शन दिया जा रहा है। पूर्व से विद्युत चालित पंप सेटों सहित अब तक 3,05,000 कृषि पंप सेटों को विद्युत कनेक्शन दिया जा चुका है।
