बेगूसराय : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बछवाड़ा थाना में दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए बेगूसराय के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी धीरेंद्र कुमार पांडे ने कन्हैया कुमार को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को साल 2019 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान एक पोस्टर चिपकाने को लेकर 18 अप्रैल को कोर्ट में पेश होना होगा। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान कन्हैया सीपीआई के उम्मीदवार थे। कन्हैया का मुकाबला भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह से था। हालांकि गिरिराज ने कन्हैया को करीब चार लाख से अधिक मतों से हरा दिया था।
बताते चलें कि वर्ष 2019 में जब कन्हैया कुमार भाकपा की ओर से लोकसभा का चुनाव लड़े थे। इसी दौरान बछवाड़ा थाना के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, कमलेश कुमार राय ने उनपर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उन्होंने कहा था कि वर्ष 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के रुदौली दुर्गा स्थान में कन्हैया कुमार का पोस्टर चिपकाया हुआ पाया गया था।
उन्होंने इसे गलत बताया था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए एमएलए एवं एमपी स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार पांडे ने संज्ञान लेते हुए कन्हैया कुमार को अदालत में सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि साल 2019 में कन्हैया कुमार ने भाकपा के टिकट पर बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। नावाद से अपनी सीट छोड़कर बेगूसराय आए गिरिराज सिंह से कन्हैया को कड़ी चुनौती मिलने की बात कही जा रही थी।
हालांकि गिरिराज ने सभी कयासों को विराम लगाते हुए करीब चार लाख से अधिक मतों से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को हरा दिया था। चुनाव के प्रचार के दौरान ही कन्हैया पर एक पोस्टर चिपकाने को लेकर एफआइआर दर्ज की गई थी। 