बेटी के श’व को कं’धे पर लेकर भ’टकता रहा पिता, झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से बि’गड़ी हा’लत

बेगूसराय में तेज बुखार से एक स्कूली छात्रा की मौत हो गई। घटना बेगूसराय के लाखों थाना क्षेत्र के मस्ती फतेहपुर गांव की है। जहां लड़की की पहचान मस्ती फतेहपुर गांव निवासी कैलाश भगत की 8 वर्षीय पुत्री पूजा कुमारी के रूप में हुई।मृतिका के परिजनों ने बताया कि आज जैसे ही बच्ची स्कूल गई, वहां उसे तेज बुखार हो गया। जब उसे घर लाया गया तो उसकी तबीयत तब बिगड़ गई। गांव में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्ची को गंभीर हालत में गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर के सरण में जाना पड़ा।जहां ग्रामीण चिकित्सक द्वारा तेज बुखार को देखते हुए एक इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन लगते ही बच्ची की तबीयत बेहद खराब हो गई। जिसके बाद परिजन द्वारा बच्ची को इलाज के लिए शहर के चिकित्सक के पास लाया गया। जहां बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।बच्चे की मौत के बाद रोते बिलखते पिता को तब और फजीहत का सामना करना पड़ा जब एंबुलेंस के अभाव में अपने बच्चे के शव को कंधे पर ढोना पड़ा। इतना ही नहीं बच्ची को वहां से ले जाने के लिए पिता को बाइक पर बैठाकर घर लाना पड़ा। इस पूरे मामले में लाचार पिता के द्वारा झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन दिए जाने के अलावा और उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है।बता दें कि बच्ची का पिता एक रिक्शा चालक है और मेहनत और मजदूरी कर अपने घर का भरण पोषण करता था। तीन पुत्री के पिता कैलाश भगत को क्या पता था कि आज उसे ही सिस्टम का शिकार होना पड़ेगा ।

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