राजधानी समेत राज्य के सभी शहरों में प्लास्टिक कैरी बैग पर लग गया पूर्ण प्रतिबंध, 100 रुपए से अधिकतम 5000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान

पटना. राजधानी समेत राज्य के सभी शहरों में रविवार से प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया। इसके घरेलू व व्यावसायिक उपयोग, भंडारण, निर्माण और परिवहन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहली बार, दूसरी बार और बार-बार पकड़े जाने पर अलग-अलग जुर्माना लगेगा। 100 रुपए से अधिकतम 5000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
प्रतिबंध लगने के साथ ही डीएम कुमार रवि के निर्देश पर रविवार को राजधानी से लेकर दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ तक जांच अभियान चलाया गया। जो पॉलीथिन बेचते पकड़े गए उनसे जुर्माना वसूला गया। इस दौरान कई जगहों पर लोग टीम के साथ उलझे, लेकिन उन्हें फाइन लेकर ही छोड़ा गया। वहीं कैरी बैग लिए लोगों को पहले दिन जानकारी देकर छोड़ दिया गया।

नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि मीठापुर सब्जी मार्केट से अभियान शुरू हुआ। 85 दुकानों में छापेमारी की गई। 8,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। बांकीपुर अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी बीके तरुण ने बताया कि 200 दुकानों में छापेमारी कर 6,700 रुपए फाइन की वसूली की गई। पॉलीथिन बंदी को लेकर लोगों में बहुत जागरुकता है। 200 में से 7-8 दुकानों में ही प्लास्टिक कैरी बैग पाए गए। कंकड़बाग अंचल में 16 दुकानों से छापेमारी में 13,500 रुपए जुर्माना वसूला गया। 50 किलो प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किया गया।

सिटी अंचल में कार्रवाई कमजोर रही

पटना सिटी अंचल में कार्रवाई बेहद कमजोर रही। यहां पॉलीथिन बनाने की कंपनी होने के बाद भी कम लोगों पर कार्रवाई हो पाई। सिर्फ 15 दुकानों से 10 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। 14 किलो प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किया गया। खगौल में 76 दुकानदारों से 9100 रुपए, दानापुर में 45 दुकानदारों से 6300 और फुलवारीशरीफ में 24 दुकानदारों से 7500 जुर्माना वसूल किया गया।

जूट की थैली बनाने के लिए ट्रेनिंग ले रहीं महिलाएं

डीएम ने बताया कि प्लास्टिक कैरी बैग पूर्णतः प्रतिबंधित करने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लघु उद्योग के माध्यम से कागज का ठोंगा और जूट की थैली के निर्माण के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिल कर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रतिबंध से इन्हें छूट
बायो मेडिकल वेस्ट के संग्रहण और भंडारण के लिए 50 माइक्रोन से ज्यादा मोटाई के कैरी बैग के इस्तेमाल पर रोक नहीं होगी। खाद्य पदार्थों, दूध व दूध के उत्पाद की पैकिंग और नर्सरी में पौधा उगाने के लिए इस्तेमाल होने वले कैरी बैग पर भी रोक नहीं है|

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