कहते हैं अगर आपके इरादे मजबूत हैं तो आप बड़े से बड़े काम को कर सकते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है खगड़िया के परबत्ता के महदीपुर निवासी राजेश ने। मध्य प्रदेश के जबलपुर में लगी बैंक की नौकरी जॉइन करने से इनकार कर उन्होंने 4 साल पहले अपने घर में मशरूम की खेती शुरू की। यही खेती अब उनकी आमदनी का मुख्य जरिया बन गया है। दो तरह की मशरूम की खेती कर राजेश अब सालाना करीब 6 लाख रुपए कमा रहे हैं।
राजेश बताते हैं कि IBPS की परीक्षा पास करने के बाद इंडियन बैंक में जॉइनिंग होनी थी। लेकिन घर से दूर अकेले रहना पसंद नहीं था। इस कारण लगी हुई नौकरी छोड़ धी और यहां मशरूम की खेती शुरू की। शुरुआत कुछ परेशानियों भी हुईं। लेकिन बुलंद हौसलों के आगे सारी मुसीबतें छोटी पड़ती गईं। राजेश के छोटे भाई राजीव भी उनकी इस काम में मदद कर रहे हैं। राजीव ने मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग भी ली है।
खगड़िया समेत आसपास के जिलों में भी भेज रहे अपना माल
राजेश मुख्य तौर पर बटन मशरूम की खेती कर रहे हैं। कहते हैं कि इसे खगड़िया के अलावा सहरसा और आसपास के मार्केट में भेजते हैं। ऑयस्टर मशरूम का भी उत्पादन हो रहा है। फिलहाल इसकी सप्लाई खगड़िया तक ही है। अच्छी उपज हो रही है और लोगों का डिमांड बढ़ रहा है। ऑफ सीजन के लिए मशरूम को सुखा कर रखते हैं।

खेती के साथ बच्चों को पढ़ा भी रहे राजेश
राजेश ने बताया कि खेती के साथ बच्चों को पढ़ाना भी उनकी दिनचर्या में है। गांव के बच्चों को मुफ्त में शिक्षित कर रहे हैं। अन्य युवाओं को कॉम्पिटिशन एग्जाम के लिए भी पढ़ाते हैं। इससे खाली समय का उपयोग भी हो जा रहा है। राजेश अब अपने गांव के आसपास चर्चा का विषय बन चुके हैं। लोग मशरूम की खेती देखने उनके पास पहुंच रहे हैं।

