मुजफ्फरपुर। एईएस की लचर तैयारी को देखते हुए हर स्तर पर सजगता का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रभारी सीएस डा.एसपी सिंह ने अवकाश के दिन भी सभी पीएचसी प्रभारियों व सदर अस्पताल के चिकित्सकों के साथ बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दिया। हिदायत दी कि इस साल गर्मी से एईएस के मरीज आ रहे हैं। इसलिए सदर अस्पताल में भी इलाज होगा। यहां पर रेफर मरीज आएंगे। शिशु रोग विशेषज्ञ डा. चिन्मय शर्मा की देखरेख में छह एमबीबीएस चिकित्सकों की टोली बनी है। इसका रोस्टर जारी किया गया। इसके लिए शहरी पीएचसी से भी दो चिकित्सकों को बुलाया गया।
सेंट्रल गोदाम प्रभारी को कहा गया कि 24 घंटे के अंदर सदर अस्पताल समेत सभी पीएचसी में जरूरी दवाएं उपलब्घ कराएं ताकि इलाज में परेशानी नहीं हो। सीएस ने कहा कि कहीं पर अगर कमी होगी तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। सदर अस्पताल के इलाज के लिए शहरी पीएचसी से डा.मुकेश कुमार, डा.श्रुति के साथ सरैया पीएचसी से डा.विधाता व मुशहरी पीएचसी से डा.राजेश को यहां पर बुलाया गया है।
चमकी बुखार के मरीज को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद विधिवत सभी प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए ही रेफर करेंगे। सभी पीएचसी एवं सदर अस्पताल, मुजफ्फरपुर के एईएस के नोडल पदाधिकारी का नाम, दूरभाष संख्या तथा कंट्रोल रूम की दूरभाष संख्या की सूची सभी वरीय अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। उसका डिस्पले हो।
एईएस की रिपोर्ट प्रतिदिन जिला को मिले ताकि उसके आधार पर कार्रवाई हो सके। मरीजों की संख्या शून्य हो तो भी प्रतिवेदन करेंगे। पीएचसी प्रभारी प्रचार-प्रसार का खुद निरीक्षण करते रहेंगे ताकि कोई चूक न हो।
आशा किट का वितरण अचूक रूप से सभी आशाओं के बीच किया जाए। साथ ही दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। वेक्टर नियंत्रण सलाहकार प्रीतिकेश परमार्थी केन्द्रीय दवा भंडार के भंडारपाल से समन्वय स्थापित कर दवाओं की आपूर्ति संबंधित संस्थानों को कराना सुनिश्चित करेंगे। सदर अस्पताल में अत्याधुनिक चक्षु शल्य कक्ष खोलने का पूर्व में जो निर्णय लिया गया है उसका तत्क्षण क्रियान्वयन किया जाएगा।
