मुजफ्फरपुर। जिले में लोकल नींबू के उत्पादन नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं के जेब पर असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि होलसेल व्यवसायी मद्रास के गंटूर जिले से नींबू मंगा रहे है। दिल्ली में नींबू की खपत ज्यादा होने के कारण बिहार में कम आ रहा है।

यहां एक बोरा में 800 नींबू आता है। साइज के हिसाब से बिक्री की जा रही। होलसेलर से खुदरा खरीदारी करने वाले दुकानदार दो रुपये बढ़कार बिक्री कर रहे। केवल नींबू-मिर्ची बेचने वाले विक्रेता 16 रुपये में एक और 30 रुपये जोड़ा बिक्री कर रहे।
वहीं सब्जियों के साथ नींबू बिक्री करने वाले 20 रुपये जोड़ा बेच रहे। गर्मी के कारण खपत अधिक है। रोजा-रमजान रखने वाले लोग भी नींबू का सेवन कर शरीर में पानी की पूर्ति कर रहे।

होटलों में सलाद के लिए और हाथ धोने के लिए नींबू का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा। महंगाई के कारण नींबू खरीदने वाले ग्राहकों से खुदरा दुकानदारों के साथ हर रोज बहस हो रही। इसलिए कई खुदरा दुकानदारों ने नींबू बेचना छोड़ दिए। खरीदारी नहीं कर रहे। इधर किसान नेता शंभू प्रसाद सिंह ने बताया कि बरसात गिरने के बाद ही नींबू का पैदावार बढ़ेगा। संभवत: मई के दूसरे पखवारे से नींबू सस्ती मिलने लगेगी। अभी नींबू का भाव बढ़ा रहेगा।
अधिक बारिश होने पर फिर मुंबई से नींबू मंगवाया जाएगा। वैसे बाजार पर अधिकारियों का नियंत्रण नही रहने से भी विक्रेता अनाप-शनाप दाम ले रहे।
