मुजफ्फरपुर। कमलबाग चौक के मुख्य सड़क को एक सप्ताह पहले खोदकर छोड़ दिए जाने से व्यापारी वर्ग व राहगीर त्रस्त है। स्थिति यह है कि गड्ढा खुदने के कारण व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। उनका कहना है कि दो साल कोविड की मार झेले है और अब दुकानें खुली तो अचानक बिना सूचना दिए ही और ना कोई वैकल्पिक रास्ता बनाए स्मार्ट सिटी को लेकर सड़क पर गड्ढा कर छोड़ दिया है।
इस पर व्यापारी वर्ग निगम प्रशासन से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातचीत नहीं हुई। स्थिति यह है कि सड़क पर गड्ढा खोदे हुए पांच से छह दिन बीत चुके है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसके कारण रेमंड शोरूम सहित आसपास के दुकानों में ग्राहक नदारद है। इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। व्यापारी का कहना है कि दो से ढाई करोड़ का माल महाजन से ले रखा है। इसका 30 दिनों में पेमेंट देना है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

जब नगर आयुक्त से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि नगर आयुक्त बाहर गए हुए है। वहीं कारोबारी ने आग्रह भी किया जो भी पैसा लगता है वे देने को तैयार है लेकिन कम से कम ग्राहक को पैदल या बाइक से आने-जाने के लिए निर्माण किया जाए।
उनका कहना है कि निगम जनता को सुविधा देने के सीवा जनता को साफ आ’त्महत्या करने की ओर ये ले जा रहे है। उन्होंने नगर आयुक्त से आग्रह किया कि जनता को कष्ट देकर विकास नहीं कीजिए। बीते दस दिसंबर को एक शोरूम ओपनिंग किया था उसकी भी बिक्री ठप है। और लगभग अभी तक 20 से 25 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।
और दुकान का महीने का खर्च साढ़े तीन लाख रुपया है। और बैंक स्टॉलमेंट भी है। कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि मेरे सिवा यही बचा है कि मैं अपने आप को आत्मह’त्या कर जा’न दे दूं। पांच छह दिनों से अभी तक एक ईंट या बालू नहीं गिरा है। यह सरासर पावर का गलत इस्मेमाल किया जा रहा है।
