रायपुर. राजधानी के डीकेएस सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने 24 साल एक युवती के सफलतापूर्वक कृत्रिम रूप से जननांग बनाए। युवती के जन्म से ही जननांग और यूट्रस दोनों ही नहीं थे। युवती को मेयर रोकितांस्की सिंड्रोम के चलते यह दिक्कत आई थी। फिलहाल युवती पूरी तरह से स्वस्थ है।
मासिक धर्म नहीं होने पर मां ले गई डॉक्टर के पास
दरअसल, एक महिला अपनी 24 साल बेटी को मासिक धर्म नहीं होने पर उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए डीकेएस अस्पताल पहुंची। इस पर डॉक्टरों ने एमआरआई और सोना्ेग्राफी की। इससे पता चला कि युवती के मेनसुरेशन नहीं होने के कारण उसके जननांग और यूट्रस दोनों का नहीं होना है।
इसके बाद अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर केएन ध्रुव और उनकी टीम ने युवती के कृत्रिम रूप से जननांग बनाने का निर्णय लिया, जिससे युवती पारिवारिक जीवन जी सके। करीब सवा दो घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की टीम ने युवती का एबी-मेकिंडो प्रणाली के जरिए कृत्रिम रूप से सफलतापूर्वक जननांग बनाने में कामयाब रहे।
5000 लोगों में काेई एक मरीज
डॉ. केएन ध्रुव ने बताया कि ऑपरेशन के लिए युवती की जांच से स्किन और टिश्यू निकाले गए। ये सबसे सुरक्षित होता है। उन्होंने बताया कि युवती शादी के बाद अपना सामान्य जीवन जी सकती हैं, लेकिन यूट्रस नहीं होने के कारण गर्भधारण नहीं कर सकती। बच्चे के लिए सिर्फ सरोगेसी ही विकल्प बचता है। ऑपरेशन में सर्जरी विभाग से डॉ. राकेश प्रधान, निश्चेतना विभाग से डॉ. दीपक सिंह का भी अहम योगदान रहा।
क्या है मेयर-रोकितांस्की सिंड्रोम
मेयर-रोकितांस्की (MRKH) सिंड्रोम होने पर महिलाओं में जननांग और यूट्रस अनुपस्थित या अविकसित होता है, जबकि बाह्य जननांग सामान्य होते हैं। इस सिंड्रोम के कारण 5000 महिलाओं में कोई एक महिला प्रभावित होती है। कई बार यह किसी महिला में जन्म के साथ ही होता है। वहीं कई बार सिर्फ जननांग ही अनुपस्थित होता है।