पटना। बिहार में पर्यटन के विकास के लिए सरकार कई स्तरों पर कोशिशें कर रही है। इसके लिए पर्यटन और अन्य विभागों के स्तर से तो काम किया ही जा रहा है, अब स्थानीय स्तर पर भी इसके लिए एक प्रभावी समूह बनाया जाएगा। राज्य के सभी महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए 20 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी पर्यटन केंद्रों को अतिक्रमण से बचाने से लेकर पर्यटकों की सुरक्षा तक का ख्याल रखेगी। पर्यटन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद के निर्देश के बाद इस दिशा में तैयारी शुरू हो गई है।
विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद इस दिशा में योजना बनाई जा रही है। इस कमेटी के एडीएम या एसडीओ स्तर के अधिकारी होंगे। इसके अलावा इसमें स्थानीय विधायक, पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। इसको लेकर जिलों को दिशा-निर्देश भेजा गया है।
20 सदस्यीय कमेटी पर्यटन केंद्रों की जरूरतों का ख्याल रखेगी। संबंधित पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों के लिए और क्या बेहतर किया जा सकता है, कौन सी नई सुविधा दी जा सकती है, इसका प्रस्ताव तैयार कर कमेटी मुख्यालय को भेजेगी। राज्य के कई पर्यटक क्षेत्रों पर अतिक्रमण है। ऐसे सभी जगहों की पहचान कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने में भी कमेटी का अहम रोल होगा।

इसके अलावा राज्य के नए-नए पर्यटन केंद्रों में आधारभूत संरचना व जरूरतों को भी कमेटी चिह्नित करेगी ताकि पर्यटन केंद्र को विकसित कर अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
आपको बता दें कि बिहार में वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व, राजगीर, मंदार, गया जैसे पर्यटन स्थलों पर लोगों की रुचि बढ़ी है। सासाराम और कैमूर की पहाड़ियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। अब कैमूर की पहाड़ियों पर टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी चल रही है।
