बक्सर। ओवरलोड बालू की तस्करी से बिहार यूपी की सीमा क्षेत्र नैनीजोर में गंगा नदी पर बना पीपा पुल के प्लेट कई जगह टूट गए हैं। उसके नट बोल्ट भी जर्जर हो गए हैं। टूटे हुए पुल से प्रतिदिन आने-जाने वाले वाहन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं लेकिन बालू की तस्करी रोकने में पूरी तरह से असफल साबित हुआ प्रशासन पुल की खतरनाक हालत से बेखबर है।
हद तो यह कि इस पर रोक लगाने के जिलाधिकारी अमन समीर के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बक्सर और बलिया जिले के दियारा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा नैनीजोर के बिहार घाट पर गंगा नदी में पीपा पुल का निर्माण कराया गया है लेकिन यह पुल ग्रामीणों की जगह बालू तस्करों के लिए वरदान बन गया है।
जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय बालू तस्कर बड़े पैमाने पर ट्रैक्टर पर ओवरलोड बालू लाद कर पुल के रास्ते यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तस्करी कर मालामाल हो रहे हैं लेकिन, ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी प्रशासन तस्करी पर रोक लगाने में पूरी तरह से असमर्थ साबित हो गया।
पुल की हालत इस तरह से खराब हो गई कि लोहे के लगे मोटे-मोटे प्लेट कई जगह से टूट फूट गए और उसमें मोटी मोटी दरारें पड़ गई। पुल का स्पेन और नॉट बोल्ट भी काफी जर्जर हो गया है। पीपा पुल से होकर प्रतिदिन बलिया और बक्सर के बीच सैकड़ों वाहनों पर सवार होकर लोग आते जाते हैं।

शादी विवाह के मौसम में यात्री गाडिय़ों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नैनीजोर थानाध्यक्ष मनोज पाठक तस्करी रोकने के लिए लगातार पुलिस की गश्त लगाकर निगरानी करने का दावा कर रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि प्लेट टूट जाने से पुल काफी खतरनाक हो गया है और कभी भी किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
