बिहार के सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के इस्सेपुर गांव में गुरुवार की शाम एक द’र्दनाक हा’दसे में दो बच्चों की मौ’त हो गई। मोतीलाल महतो के पुत्र मुन्ना कुमार (13) और राकेश महतो के पुत्र रोहित कुमार (10) की मौत से परिवार के लोग चि’त्कार कर उठे। पुलिस ने दोनों श’वों का पो’स्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। दोनों बच्चे रिश्ते में चाचा-भतीजा थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घर के समीप एक व्यक्ति के लीची के पेड़ में लाल-लाल लिचियों को देखकर दोनों बच्चे बगीचे में पहुंच गए। दोनों पेड़ से लीची तोड़ने का प्रयास कर रहे थे कि रखवाले की नजर पड़ गई।
उसने खदेड़ा तो दोनों जा’न ब’चाकर वहां से भा’गे। अ’फरा त’फरी में दोनों कुएं में गि’र गए। वहां उनकी जिंदगी की डो’र टू’ट गई। किसी तरह से इसकी जानकारी स्वजनों को मिली तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ।
सभी दौ’ड़े-दौ’ड़े कुएं तक पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के श’व को बाहर निकाला गया। यह देखकर परिवार के लोग द’हाड़े मा’र कर रो’ने लगे। यह देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
घ’टना की जानकारी जैसे ही भेल्दी थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह को मिली कि वे तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने श’व को पो’स्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दोनों बच्चों के पिता मजदूरी कर जीवन-यापन करते हैं। फिलहाल इस मामले में प्रा’थमिकी नहीं हो सकी थी। पुलिस आवेदन मिलने का इंतजार कर रही थी।
लोगों का कहना था कि फलों को देखकर बाल मन में लालच आ ही जाती है। यदि बच्चे पहुंच भी गए लीची तोड़ने तो रखवाले को उन्हें ख’देड़ना नहीं चाहिए था। महज कुछ रुपये की लीची के लिए दो कीमती जिंदगी कु’रबान हो गई। हालांकि किसने बच्चों को खदेड़ा था यह भी स्पष्ट नहीं है।
