मुजफ्फरपुर : समाहरणालय सभाकक्ष में डीडीसी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में एईएस/चमकी बुखार से संबंधित विभिन्न कोषांगों की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस मौके पर डीडीसी ने एईएस/चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य को अंजाम देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने हैंडविल/पोस्टर वितरण दीवाल लेखन, एलईडी वाहन परिचालन, होर्डिंग/ फ्लेक्स आदि के माध्यम से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की समीक्षा की।
इस दौरान संबंधित विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी पंचायत सरकार भवन के साथ अन्य पंचायत भवनों में, करीब 3118 स्कूलों में, लगभग सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर दीवाल लेखन का कार्य किया गया है। साथ ही समुदायिक भवनों में दीवार लेखन का कार्य किया जा रहा है। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन प्रखंडों में पंचायती राज प्रतिनिधियों का अभी तक प्रशिक्षण नहीं हुआ है वहां 18 मई तक हर हाल में प्रशिक्षण कराना सुनिश्चित किया जाए।
जिले में मुख्य रूप से पांच प्रभावित प्रखंडों के 288 एवं शेष प्रखंडों के 36 टोलों में कुल 324 टोलो में एलईडी वाहन से सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जबकि मीनापुर प्रखंड के 22 टोलो में नुक्कड़ नाटक के द्वारा भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वहीं एसकेएमसीएच परिसर में भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से एईएस को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
डीडीसी ने केबल टीवी के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने और गोद लिए हुए पंचायतों में पदाधिकारी को अनिवार्य रूप से विजिट करने का निर्देश दिया। विजिट के क्रम में जागरूकता कार्यक्रमों से संबंधति फीडबैक प्राप्त करने पर भी जोर दिया।
डीईओ को विद्यालयों में चेतना सत्र के दौरान अनिवार्य रूप से चमकी को लेकर बच्चों को जागरूक करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण भी कराया जाएगा। डीईओ द्वारा बताया गया कि चेतना सत्र में उक्त कार्य किया जा रहा है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी पीडीएस दुकानों पर चमकी से संबंधित बैनर लगा दिए गए हैं। वहीं एईएस/चमकी बुखार से संबंधित सभी आवश्यक दवाइयां एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। रेफरल सिस्टम पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका/सहायिका, जीविका दीदियों एवं आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा वार्ड वार दैनिक रूप से डोर-टू- डोर विजिट करते हुए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर विशेष नजर रखी जा रही है। स्वयं सेविका/सहायिका और आशा कार्यकर्ता के द्वारा चमकी से संबंधित लक्षण दृष्टिगोचर होते ही बच्चों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। साथ ही जिन वाहनों से रोगी अस्पताल लाए जा रहे है उन वाहनों का भुगतान तत्काल किया जा रहा है। इस मौके पर अपर समाहर्ता आपदा डॉ. अजय कुमार, अधीक्षक एसकेएमसीएच बीएस झा, नोडल पदाधिकारी एईएस, डॉ.सतीश कुमार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एके पांडे, केयर के प्रतिनिधि सौरभ तिवारी के साथ अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

