पश्चिम चंपारण। वैसे तो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) बरसात छोड़ हमेशा पर्यटकों से गुलजार रहता है, लेकिन इस साल यह कोरोना के प्रभाव से मुक्त हुआ है। इसका असर पर्यटकों की संख्या पर भी पड़ा है। बाद से संख्या दो गुनी हो गई है।
एक पखवारा पहले तक 150 से 200 तक पर्यटक रोजाना यहां पहुंचते थे, अब इनकी संख्या 400 से 500 तक हो गई है। सारे बंबू हट, गेस्ट हाउस और होटल फुल हैं। जंगल सफारी के लिए जिप्सी खाली नहीं मिल रही है, जबकि मौजूदा पर्यटन सत्र खत्म होने में अभी 10 दिन शेष है।
5 अक्टूबर, 2021 से शुरू हुए पर्यटन सत्र में अब तक 138540 पर्यटक दिल्ली, यूपी के गोरखपुर, महराजगंज, नेपाल के नवलपरासी, बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर आदि जगहों से आ चुके हैं। इससे वन विभाग को 90 लाख की आमदनी हुई है।
पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां बंबू हट, फोर फ्लैट के अलावा वाल्मीकि नगर, गनौली, नौरंगिया, गोवर्धना, मदनपुर, दोन, मंगुराहा आदि जगहों पर वन विभाग के रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। 750 से 1600 रुपये देकर पर्यटक यहां ठहरते हैं। जंगल सफारी के लिए आठ जिप्सी के आला एक कैंटर और आठ ई-रिक्शे की व्यवस्था है।

