मुजफ्फरपुर। अब होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र परिसर में ही मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए परिसर में ही जगह का चयन कर लिया गया है। इसके निर्माण पर 65 करोड़ की लागत आएगी। अनुसंधान केंद्र की टीम ने जगह का चयन कर मुख्यालय को रिपोर्ट दे दी है। सबकुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक लोगों को यह सेवा उपलब्ध होगी।
अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डा. रविकांत कहते हैं, यहां आने वाले मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस वजह से लोग परेशान हैं। हर माह करीब 30 से 40 मरीज इस सेवा के लिए अस्पताल आते हैं, लेकिन सुविधा नहीं होने से निराश लौटना पड़ता है।
इस परेशानी को दूर करने के लिए यहां सुविधा देने की कवायद चल रही है। जगह का चयन कर लिया गया है। इस सेवा के लिए पहले दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल से समन्वय बनाने की कवायद चल रही थी, अब नई तकनीकी वाली मशीन खुद संस्थान परिसर में होगी।
यहां सेवा देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक इलाज के साथ शोध भी कर पाएंगे। पहले नेपाल के तराई इलाके और उत्तर बिहार के लोगों को कैंसर का इलाज कराने के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता था। यह काफी खर्चीला था। दो साल पहले मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र खुलने से लोगों को यहीं सारी सुविधा मिलने लगी।
अब तक विभिन्न जिलों से 21 हजार मरीज जांच और उपचार के लिए अस्पताल आ चुके हैं। इनमें से 900 कैंसर पीड़ितों की सफल सर्जरी भी की जा चुकी है। यहां के विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम सूबे के 16 जिलों में मुंह, सर्वाइकल और स्तन कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की जांच के साथ जागरूकता अभियान चला रही है। फिलहाल शोध संस्थान परिसर में ओपीडी, कीमोथेरेपी व सर्जरी की सेवा दी जा रही है। स्तन कैंसर सर्जरी की शुरुआत हो गई है। सफल सर्जरी के लिए इस संस्थान के डा. बुरहान व उनकी टीम का सहयोग मिल रहा है।
