मुजफ्फरपुर जिले में पंचायत सचिवों की ओर से किए गए गबन की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। औराई के सेवानिवृत्त पंचायत सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने करीब 17 लाख रुपये का गबन कर लिया है। यहीं नहीं सेवानिवृत्ति के छह वर्ष बाद भी पंचायत का प्रभार नहीं दिया।
इसे लेकर औराई के बीडीओ ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजी है। इसमें उक्त पंचायत सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की है। विदित हो कि जिले के दर्जनभर पंचायत सचिवों द्वारा राशि गबन किए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद कई पंचायत सचिव ने राशि भी जमा कर दी। कुछ सेवानिवृत्त हो गए। अब गबन की गई राशि की खोज के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है।
बीडीओ ने रिपोर्ट में कहा है कि उक्त पंचायत सचिव ने कई योजनाओं के लिए एक करोड़ 68 लाख 98 हजार 415 रुपये अग्रिम के रूप में लिए। इसके विरुद्ध एक करोड़ 51 लाख 54 हजार 625 रुपये का बिल ही प्रखंड नजारत को प्राप्त हुआ। शेष राशि 17.43 लाख रुपये जमा करने के लिए कई बार नोटिस दिया गया।
मामले की औराई थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बावजूद सुरेंद्र सिंह ने राशि या बिल जमा नहीं किया। 30 जून 2016 को वह सेवानिवृत्ति हो चुके हैं। इसके बावजूद राशि जमा नहीं हुई। प्रखंड की उक्त राशि को गबन मानते हुए पंचायत सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुरेंद्र सिंह को रतवारा बिंदवार देवरिया पश्चिमी का प्रभार संजय कुमार, भरथुआ का ब्रजभूषण ठाकुर एवं डीहजीवर का विष्णुदेव राय को तत्काल प्रभाव से देने को कहा गया। इसके बावजूद आज तक तीनों पंचायतों का प्रभार नहीं दिया गया। यह आचरण मनमानापन और हठधर्मिता को दर्शाता है। इस आचरण को लेकर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
