नगर निगम कर्मचारी संघ ने सोमवार को सातवां वेतनमान और अंतरवेतन भुगतान की मांग पर नगर निगम कार्यालय में आहूत हड़ताल नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया।

नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि जुलाई माह से सभी नगर निगम कर्मियों को सातवें वेतनमान के आधार पर भुगतान किया जायेगा। इसके लिए राजस्व वसूली भी निगम कर्मियों को वेतन पर खर्च होने वाली राशि के अनुरूप ही करनी होगी। हालांकि इस बावत फिलहाल आदेश जारी नहीं किया गया है।

सोमवार सुबह 10 बजे से ही सभी कार्यालय कर्मियों ने नगर निगम में ताला लगा दिया। प्रमुख मार्गों से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट रोड पहुंचे जहां नारेबाजी की गई। वहां से स्टशेन रोड होते हुए जुलूस पुन: नगर निगम कार्यालय पहुंचा। नगर आयुक्त तबतक अपने कार्यालय पहुंच चुके थे। जुलूस लेकर आये नगर निगम के कर्मचारियों ने उनका कार्यालय में ही घेराव कर दिया। उनका गेट घेरकर सभी निगम कर्मी नारेबाजी शुरू कर दिये। सबने शाम चार बजे तक नगर आयुक्त का घेराव किये रखा।

बाद में नगर निगम कर्मचारी संघ के शिष्टमंडल से नगर आयुक्त ने वार्ता की। उसमें उन्होंने कहा कि सातवां वेतन देने में कोई हर्ज नहीं है। वसूली करें और वेतन लें। सातवां वेतन के लिए वार्षिक आय 25 करोड़ रुपये चाहिए। इस सापेक्ष लगातार तीन माह तक वसूली करके दिखाएं, जिसके आधार पर वेतन भुगतान किया जायेगा।

इस पर नगर निगम कर्मियों ने उनसे कहा कि नगर आयुक्त सातवां वेतनमान लागू करने का आदेश पारित कर दें, वसूली होने पर ही वेतन लेंगे। इस तरह पहली दौर की वार्ता में कोई निर्णय नहीं होने पर निगम कर्मी नगर आयुक्त के कार्यालय से वापस लौट गये। शाम में फिर दूसरे दौर की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया गया। दूसरे दौर की बैठक में जुलाई माह से सातवां वेतनमान देने का आश्वासन नगर आयुक्त ने दिया है। इसके आधार पर नगर निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री सत्येंद्र सिंह ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
