मुजफ्फरपुर : अपर मुख्य सचिव,शिक्षा विभाग-सह-प्रभारी सचिव, मुजफ्फरपुर जिला दीपक कुमार सिंह के द्वारा एईएस/ चमकी बुखार एवं संभावित बाढ़ को लेकर समाहरणालय सभा कक्ष में समीक्षात्मक बैठक की गई। डीएम प्रणव कुमार के द्वारा पीपीटी के माध्यम से एईएस/ चमकी बुखार को लेकर किए गए तैयारियों की अद्यतन स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्रभारी सचिव को दी गई।
चमकी बुखार की समीक्षा करने के क्रम में प्रभारी सचिव के द्वारा निर्देश दिया गया कि चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर जागरूकता अभियान को और गति देना सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि गोद लिए हुए पंचायतों में पदाधिकारी संबंधित पंचायत के महादलित टोलो में फोकस करते हुए लोगों को जागरूक करें।
कहा कि सम्बंधित टोले के सभी घरों में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर विशेष नजर रखी जाए। सभी पीएचसी में दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों का रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करना, एंबुलेंस की उपलब्धता इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
उन्होंने निर्देश दिया कि वैसे बच्चे जो पीएससी में समुचित इलाज के उपरांत घर चले जाते हैं उनकी संख्या को भी प्रतिवेदन में सम्मिलित किया जाए। साथ ही एईएस मरीजों के बारे में निर्देश दिया गया कि उनका सामाजिक/ आर्थिक सर्वेक्षण करना जारी रखें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि उन मरीजों का आर्थिक सामाजिक सर्वेक्षण किया जा रहा है।
प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए एईएस पर नियंत्रण को लेकर गंभीरता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जिला स्तर पर की गई तैयारियों से वे संतुष्ट दिखे। जानकारी दी गई की 270 पंचायतों को गोद लिया गया जहां प्रत्येक शनिवार को अधिकारी विजिट करते हुए संबंधित पंचायत में संध्या चौपाल के माध्यम से प्रचार-प्रसार करते हैं। बताया गया कि 444 महादलित टोलों में एलईडी वाहन से प्रचार-प्रसार करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लगभग 8 हजार भवनों पर दीवाल लेखन का कार्य किया गया हैम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा हैम इसके अतिरिक्त पोस्टर, पंपलेट का भी वितरण किया गया है। रेफरल सिस्टम पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। 57 एंबुलेंस उपलब्ध है 1178 वाहनों को टैग किया गया है। विभिन्न विभागों के और पंचायत स्तरीय प्रतिनिधियों को मिलाकर कुल 44200 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।
