मां ने फोन से डिलीट किया ‘फ्री फायर गेम’, नाराज बच्चा साइकल लेकर उज्जैन से इंदौर पहुंचा; यह था आगे का प्लान

उज्जैन के मक्सी रोड की कैलाश एंपायर कॉलोनी में रहने वाला आठवीं कक्षा का छात्र को मां ने मोबाइल पर गेम खेलने को लेकर डांटा और ‘फ्री फायर गेम’ का डाटा मोबाइल से डिलीट कर दिया। जिसके बाद नाराज होकर बेटा घर से सुबह स्कूल बस में बैठने के लिए निकला लेकिन बस में बैठने की बजाए वह घर से साइकिल लेकर इंदौर चला गया। साथ में वह मां का मोबाइल और कपड़े ले गया।

मां ने फोन से डिलीट किया 'फ्री फायर गेम', नाराज बच्चा साइकल लेकर उज्जैन से इंदौर पहुंचा; यह था आगे का प्लान

स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी बेटा जब घर नहीं पहुंचा तो माँ को चिन्ता होने लगी। घरवालों के साथ मां ने इसकी शिकायत थाना चिमनगंज पर की। शिकायत मिलते ही सीएसपी विनोद मीणा और चिमनगंज थाना प्रभारी जितेंद्र भास्कर ने बच्चे का मोबाइल साइबर सेल की मदद से ट्रेस किया और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम भेजकर इंदौर मरीमाता चौराहे से बच्चे को अपने साथ लेकर आए।

पुलिस कंट्रोल रूम पर बच्चे से अधिकारियों ने बात की तो उसने कहा कि मोबाइल पर गेम खेलने को लेकर मां ने डांटा था, इसलिए वह घर से चला गया था। बच्चे ने यह भी बताया कि वह इंदौर से मुंबई जाने वाला था।

‘यह बीमारी है, बच्चों का ध्यान रखें’
मनोरोग चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के रोज एक-दो केस आते हैं। इस तरह की बीमारी को F-63 यानी गेमिंग डिसऑर्डर बीमारी नाम दिया गया है। जिसमें परिजन बच्चों के मोबाइल गेम की लत के कारण काफी हद तक परेशान रहते हैं।

मोबाइल गेम के कारण कई बच्चे गंभीर बीमारी से पीड़ित भी हुए हैं। नाबालिग बच्चे मोबाइल गेम में इस तरह व्यस्त रहते हैं कि खाना-पीना तक छोड़ देते हैं। आवश्यकता है कि परिजन बच्चों को मोबाइल से अधिक से अधिक दूर रखें और बच्चों पर लगातार निगरानी रखें।

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