छपरा की माउंटेन गर्ल सविता: साईकिल से की चढ़ाई, 23 दिनों में उमलिंग चोटी पर चढ़ाई करने वाली पहली महिला

सारण जिला की एक होनहार साइकिलिस्ट ने अपनी काबिलियत से एक और कीर्तिमान स्थापित किया। छपरा की बेटी सविता महतो ने भारत के सबसे ऊंचे मोटर रोड की उमलिंग पास पर साइकिल से चढ़ाई की है। दावा है कि समुद्री तल से 19,300 फीट के दूरी पर स्थित चोटी पर साइकिल से चढ़ाई करने वाली वह पहली महिला हैं।

उमलिंग पास पर अपनी टीम के साथ सविता।

पर्वतारोहण और साइक्लिंग साबित का मुख्य शौक है।

5 जून को दिल्ली से शुरू किए गए अपनी यात्रा को सविता ने 28 जून को उमलिंग में समाप्त किया। इसके बाद 28 जून को चोटी पर पहुंच तिरंगा लहराया। यह चोटी ट्रांस हिमालय का भाग है जो लद्दाख पर्वत श्रेणी में आता है।

एवरेस्ट फतह करना सपना पर आर्थिक स्थिति बन रही बाधा

साइकिलिस्ट सविता अभी लद्दाख में है। भास्कर डिजिटल के रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने बताया कि परिजनों के मदद और हौसला अफजाई के कारण सफलता हासिल हुआ है। आगे एवरेस्ट पर चढ़ाई करना सपना है। इसमें आर्थिक स्थिति बाधा बन रही है।

आर्थिक मदद मिलने के साथ अगला पड़ाव एवरेस्ट पर चढ़ाई करना होगा। सविता के पिता चौहान महतो बंगाल के सिलीगुड़ी में मछली का व्यवसाय कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। बेहद निम्न परिवार से आने वाली सविता का हौसला बहुत मजबूत है। साबित ने सेना द्वारा आयोजित की इवेंट में हिस्सा लिया है।

​​​​​​​महिला सशक्तिकरण और बिहार में खेल को बढ़ावा देना उद्देश्य

सविता ने बताया कि वह पर्वतारोही व साइकिलिस्ट के रूप में सिर्फ अपनी पहचान बनाने के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि उनका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त करने से भी प्रेरित है। उन्होंने बताया कि साइकिल यात्रा के दौरान वह पहले भी अखंड हिमालय, स्वच्छ हिमालय, कर्तव्य गंगा समेत महिला सशक्तिकरण के संदेश को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चला चुकी है। छपरा के पानापुर की रहने वाली सबिता महतो का नाम और कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।

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