बक्सर जिले में गुरु पूर्णिमा को ले सुबह से हीरा मन्दिर मठ और आश्रमों में शिष्यों की भीड़ देखने को मिल रही है।सुबह में गंगा स्नान के साथ ही शिष्य अपने गुरुओं के आश्रम पहुंच विधि विधान से पूजा अर्चना करते नजर आ रहे है। कई आश्रमों में शिष्यों को अपने गुरु का दर्शन आसानी से मिल जा रहा है तो कई आश्रम और मठों पर शिष्य को कतार में घंटे खड़े रहने के बाद दर्शन मिल पा रहा है।
इसको लेकर जिले के मंदिर, मठ आश्रम में एक दिन पूर्व से ही इसकी तैयारी चल रही थी। दूर दराज से आने वाले शिष्य मंगलावर को ही अपने गुरुधाम पहुंच गए थे। बता दें कि हिन्दू धर्म मे गुरु का महत्व भगवान से भी ऊपर कहा गया है।पौराणिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को महर्षि वेद व्यास के जन्मदिन पर गुरु पर्व मनाया जाता है।
इसको लेकर जिलेभर के मठ-मंदिरों व आचार्य दरबारों में गुरु पूर्णिमा की विशेष तैयारियां की गई हैं। चौसा के संत सेवा आश्रम में हजारों की संख्या में बिहार,यूपी और झारखंड से शिष्य पं. केदारनाथ दुबे की कतार में खड़े हो अपनी बारी आने पर पूजा अर्चना कर रहे है। साथ ही आश्रम में दूरदराज से आने वाले शिष्यों के लिए भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था किया गया ही।
वहीं गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर स्टेशन रोड स्थित बसांव मठिया में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। इसी तरह सती घाट स्थित लाल बाबा आश्रम स्थित मंदिर में अखंड हरिकीर्तन का शुभारंभ किया गया है।

