पटना पुलिस ने निजी अस्पताल के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रही महिलाओं को जमकर पीटा। महिलाओं पर पुलिसकर्मी लात और थप्पड़ बरसाते नजर आए। परिजनों पर लाठियां भी चलाईं। दरअसल, राजा बाजार के गेटवेल हॉस्पिटल में डिलीवरी के दौरान मां-बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और दो लाख रुपए लेने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने महिला का शव अभी तक परिजनों को नहीं दिया है।

शोभा देवी और उसके नवजात बेटे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ और स्टाफ के साथ जमकर मारपीट भी की। इसके बाद शव के साथ सड़क जाम कर दिया। वहीं, सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट और शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने वहां लाठीचार्ज कर दिया। जहां पुलिस ने महिलाओं को लात-घुसों से मारकर वहां से भगाया।

बुधवार रात हुई इस घटना में तीन-चार लाेग घायल हाे गए। लाेगाें की नाराजगी को देखते हुए अस्पताल के गेट काे बंद कर दिया गया। डॉक्टर और अन्य स्टाफ दुबक गए। पुलिस द्वारा अस्पताल पर केस दर्ज करने का आश्वासन मिलने के बाद रोड जाम हटा। करीब एक घंटे तक रोड जाम हाेने से वाहनों की कतार लग गई।

दाे लाख रुपए ले लिए, बिल नहीं दिया
शोभा काे मंगलवार रात 12:45 बजे इस अस्पताल में एडमिट किया गया था। बुधवार की देर शाम 7:50 बजे माैत हाे गई। शोभा का पति पाेठही निवासी सुरेंद्र राम राजा बाजार में ही निजी सफाईकर्मी है। शाेभा की बहन गुंजा व अन्य परिजनों ने कहा कि दोनों काे डॉक्टरों ने मार दिया। दाे लाख रुपए भी ले लिए, काेई बिल नहीं दिया। दोनों की जिंदगी बचाने के लिए दाे यूनिट ब्लड भी दिया। डाॅक्टर बार-बार रकम की मांग कर रहे थे। लेकिन उसे देखने वाला तक नहीं था। माैत के बाद सभी भाग गए।

मन्नतों के बाद 11 साल के बाद हुआ था पहला बच्चा
सुरेंद्र ने बताया कि 15 साल पहले शोभा से शादी हुई थी। बच्चा के लिए हम दोनों न जाने कहां-कहां गए। पूजा-पाठ कराया। पूरी कमाई शोभा के इलाज में लगा दी। सभी को इस बच्चे का इंतजार था। महिला के भाई ने बताया मंगलवार रात 1 बजे पेट में दर्द होने पर महिला को गेटवेल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पहले महिला बिलकुल ठीक थी। डॉक्टरों के लापरवाही से शोभा और उसके बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टरों ने शोभा के मौत की खबर अपना पैसा बनाने के लिए हम लोगों से छुपा कर रखा और अब हॉस्पिटल शोभा के शव को देने से इंकार कर रहा है।

अस्पताल प्रशासन ने कहा- पेट में ही मरा था बच्चा, इलाज में नहीं की गई काेई लापरवाही
गेटवेल अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल अफसर डॉ. संजीव ने बताया कि अस्पताल में एडमिट हाेने से ही शोभा के पेट में बच्चा पहले ही मर गया था। परिजनों काे बता दिया गया था कि ऑपरेशन में रिस्क है। शोभा की माैत भी हाे सकती है। परिजनों से ऑपरेशन करने की कागज पर अनुमति भी ले ली गई थी। उसे ब्लीडिंग बहुत हाे गई थी। बीपी कम हाे गया था। इलाज में काेई लापरवाही नहीं हुई है। सारी रकम का बिल दिया गया है। माैत के बाद परिजनों ने तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी।

इधर, अस्पताल प्रशासन से जुड़े विपिन सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट थाने काे सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने काेई कार्रवाई नहीं की।
