मुजफ्फरपुर : बथुआ नर्सिंग होम ब्रह्मपुरा स्थित विजया मेट्रो आईवीएफ में 13 जुलाई को एक 42 वर्षीय महिला ने शादी के चौदह वर्ष बाद एक बच्चे को जन्म दिया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद महिला का आईवीएफ विधि के द्वारा उपचार किया गया। डॉ.रुही यासमीन ने कहा कि किसी का गोद सुना नहीं छोड़ना है।
यहां पर यूपी, दिल्ली समेत अन्य स्थानों से नि:संतान दंपत्ति यहां पर आकर इलाज करा रही है। यहीं नहीं यहां पर 60 वर्षीय महिला भी मां बनकर अपने बच्चों को दूध पिला रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा भारद्वाज ने बताया कि यहां पर नि:संतानता का पूर्ण इलाज है।
आइवीएफ की टीम की मदद से 13 जुलाई को 42 वर्षीय महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। महिला काफी खुश है। विजया मेट्रो आईवीएफ में डॉ. अनुराधा भारद्वाज, डॉ. रुही रूही यासमीन और अन्य डॉक्टरों की टीम के द्वारा नि:संतानता का उपचार हर स्तर पर किया जाता है।
विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इस संस्था का नाम मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विजया भारद्वाज की स्मृति में रखा गया है। इलाजरत दंपत्ति ने अपने नवजात पुत्र का नाम विजय रखने का निर्णय लिया है।



