कोरोना से अब तक लोगों को पूरी तरह से मुक्ति मिली नहीं है। इस बीच अब एक नई बीमारी का भय आम लोगों से लेकर सरकारी तंत्र को सताने लगा है। यह भय मंकी पॉक्स का बनने लगा है। इस बीमारी को लेकर सरकारी तंत्र की सबसे अधिक नजर अब एयरपोर्ट पर बनी हुई है। देश में मंकी पॉक्स के मरीजों के मिलने के बाद अब गया एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया गया है। मंकी पॉक्स को लेकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। इस मसले पर स्वास्थ्य विभाग व एयर पोर्ट से संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच एक दौर की बैठक भी हो चुकी है।

एयरपोर्ट डायरेक्टर बंगजीत साहा ने बताया कि किसी देश का एयरपोर्ट इंट्री प्वाइंट होता है। गया एयरपोर्ट से इंटरनेशनल यात्रियों की आवाजाही सालोभर बनी रहती है। इस वजह से गया एयरपोर्ट को मंकी पॉक्स बीमारी को लेकर ज्यादा सर्तक रहने की जरूरत है। गया सिविल सर्जन की ओर से मंकी पॉक्स के लक्षण और उससे बचाव के उपाय के बाबत एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों व कर्मियों को दी गई है। यहां आने वाले हवाई यात्रियों को की जांच को लेकर दिए गए निर्देश का पालन शुरू कर दिया जाएगा।

एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि आने वाले दो माह के भीतर एयरपोर्ट की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। देसी-विदेशी यात्रियों के आने का सिलसिला शुरू होने वाला है। इस वजह से मंकी पॉक्स को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। एयरपोर्ट के अधिकारियों व स्टेक होल्डर को सतर्क रहने को कहा गया है।

इधर सिविल सर्जन ने बताया कि दो दिन पूर्व एयरपोर्ट पर सस्पेक्टेड केस आया था। एयरपोर्ट वालों ने सूचना दी तो हमने खुद जाकर जांच पड़ताल की तो मंकी पॉक्स का मामला नहीं निकला। इसके पटना से निर्देश आया कि गया एयरपोर्ट को जागरूक करते हुए अलर्ट किया जाए। इस पर हमने खुद स्लाइड तैयार कर मंकी पॉक्स बीमारी के लक्षण, बचाव व उपाय की जानकारी वहां के लोगों को दी है।

उन्होंने बताया कि मंकी पॉक्स से पीड़ित व्यक्ति को दो तरीके से पकड़ा जा सकता है। पहला क्लीनिक फीचर और दूसरा आरटीपीसीआर। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट ही अंतिम और फाइनल मुहर बीमारी पर लगाती है। इसकी व्यवस्था एयर पोर्ट पर की जा रही है। चूंकि गया एयरपोर्ट में एक महीने बाद से बड़ी संख्या में इंटरनेशन यात्रियों के आने जाने का क्रम शुरू हो जाएगा। लिहाजा सतर्कता जरूरी है।


