मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार से गुजरने वाली नदियाें के जलग्रहण क्षेत्र नेपाल के साथ ही सीमावर्ती जिलाें में बारिश थम जाने के बाद भी बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक नदियां पूरे उफान पर हैं। औराई व कटरा में 20 गांवाें में फैला बाढ़ का पानी फैल चुका है, जबकि पारू में 50 घर जलमग्न हाे चुके हैं और साहेबगंज के एक हजार हेक्टेयर खेत डूब चुके हैं। बुधवार काे तीसरे दिन भी जलस्तर में बढ़ाेत्तरी के साथ बागमती नदी जिले के कटाैझा में खतरे के निशान से 1.52 मीटर ऊपर 56.52 मीटर पर ताे बेनीबाद में 1.12 मीटर ऊपर 49.80 मीटर पर बह रही है।
इधर, वाल्मीकिनगर बराज से लगातार अत्यधिक पानी छाेड़े जाने से गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि जारी है। बुधवार काे रेवाघाट में गंडक नदी 44 सेमी वृद्धि के साथ खतरे के निशान से केवल 48 सेमी नीचे 53.52 मीटर पर दर्ज की गई। जबकि, शहर के सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में 28 सेमी की वृद्धि हुई है। इसका पानी अब झीलनगर के पास पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से बुधवार काे 3.10 लाख क्यूसेक से घटते क्रम में 2.76 लाख क्यूसेक पानी के छाेड़े जाने से बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में अभी तेजी से वृद्धि हाेने की संभावना है।

गुरुवार काे नदी का जलस्तर खतरे के निशान काे पार कर जाने की संभावना है। बुधवार काे बागमती नदी के जलस्तर में कटाैझा में 26 सेमी, बेनीबाद में 14 सेमी, गंडक नदी के जलस्तर में रेवाघाट में 44 सेमी तथा बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में सिकंदरपुर में 28 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर लगातार वृद्धि के बाद भी अभी खतरे के निशान से 2.70 मीटर नीचे है। बुधवार काे नेपाल समेत जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के थम जाने से गुरुवार के बाद इन नदियाें का जलस्तर स्थिर हाे जाने का अनुमान है। जल संसाधान विभाग ने गुरुवार काे भी सभी नदियाें के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना जताई है।

कटरा के बकुची पीपा पुल के दोनों छोर पर चचरी से बना अप्रोच ध्वस्त हो गया है। वाहनों की आवाजाही बंद हैं। बाढ़ का पानी बकुची पावर हाउस में प्रवेश कर चुका है। बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। इधर, बाढ़ का पानी बकुची चौक से लेकर बकुची काॅलेज से आगे तक सड़क पर फैल गया है। बकुची, पतारी, बसघट्टा, मोहनपुर समेत 6 गांवाें में फैल गया है। वहीं नवादा बालक हाई स्कूल में भी पानी घुस गया है, जिसको लेकर स्कूल का पढ़ाई ठप पड़ गई है।
नवादा कन्या विद्यालय का भी यही हाल है। बसघट्टा से सटे पहसौल रास्ते के डायवर्सन पर करीब तीन फिट पानी का बहाव जारी है। इधर, कटरा सीओ पारसनाथ राय ने बकुची से लेकर गंगेया तक निरीक्षण कर हालत का जायजा लिया। प्रमुख नुर आलम ने बाढ़ प्रभावित बसघट्टा, बर्री पंचायत के परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरण करने की मांग की है। साहेबगंज की बाढ़ प्रभावित सात पंचायतों के 38 वार्डो में गंडक नदी का पानी फैलने लगा है, जिससे करीब एक हजार हेक्टेयर खेती वाली भूमि में बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं 2 अगस्त की शाम 6 बजे बराज से छोड़ा गया 3,17,600 क्यूसेक पानी साहेबगंज गंडक नदी से गुरुवार को शाम क्रॉस करेगा, जिससे सात पंचायतों के 38 वार्डो में गंडक नदी का जलस्तर और बढ़ेगा, जबकि शुक्रवार को दोपहर से साहेबगंज क्षेत्र में गंडक नदी का जलस्तर कम होने लगेगा। बुधवार को शाम 6 बजे गंडक नदी में बराज से 2,64 000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वाल्मीकिनगर बराज से विगत एक अगस्त को गंडक नदी में छोड़े गए 2,76,800 क्यूसेक पानी का बहाव पारू और साहेबगंज प्रखण्ड क्षेत्र के गंडक नदी के माध्यम से रेवा घाट की तरफ होने लगा है। पारू की चक्की सुहागपुर पंचायत में परशुरामपुर जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न हाे गई। मुखिया चंदन सहनी ने बताया कि सड़क पर 100 फीट की दूरी मं पानी में उतर कर पैदल जाना पर रहा है। स्थानीय अमीन कौसर उर्फ सोनू ने बताया कि उस्ती पंचायत में वार्ड नम्बर 2, 3,10, 11 और 13 में बांध किनारे निचले भाग में करीब 50 घरों में पानी प्रवेश हो जाने से दर्जनों लोग बांध पर शरण लेने लगे हैं।
