बेगूसराय पोस्ट ऑफिस डिवीजन के मुख्य डाकघर समेत 47 उप डाकघर में फ’र्जी खाता खोलकर दर्जनों चेक के माध्यम से कर्मचारियों ने 20 करोड़ से अधिक रुपए का ग’बन कर लिया है। मामला तब सामने आया जब लेन देन के च’क्कर में दो डाककर्मी आ’पस में भिड़ गए।
इतना ही नहीं अब घो’टालेबाजों को बचाने की विभागीय साजिश हो रही है। शुरुआती दौर में 26 लाख की अ’वैध निकासी का मामला सामने आने के बाद डाक अधीक्षक ने एक प्रभारी पोस्टमास्टर समेत 4 डाककर्मी को सस्पेंड तो कर दिया है।
लेकिन घोटाले की जांच का ना तो प्रक्रिया शुरू हुई है और ना ही 15 दिन बाद भी दो’षी कर्मियों और पदाधिकारी पर एफआईआर किया गया है। सूत्र बताते हैं कि सही तरीके से जांच हो तो बेगूसराय पोस्ट ऑफिस डिवीजन के सभी 47 उप डाकघर और मुख्य डाकघर से कई करोड़ के घोटाला का पर्दाफाश हो सकता है। यह घो’टाला 20 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है।

बेगूसराय के 4 डाकघर में हुआ है एक करोड़ 27 लाख की निकासी सूत्र के अनुसार बेगूसराय के 4 उप डाकघर से करीब सवा करोड़ की अवैध निकासी का पूरा मामला सामने आ चुका है। जी डी कॉलेज उप डाकघर से 60 लाख रूपए, सुहृद नगर उप डाकघर से 14 लाख रूपए, बेगूसराय कोर्ट से 40 लाख रुपए और लखमीनिया उप डाकघर से 13 लाख रुपए की अवैध निकासी डाककर्मियों के द्वारा की गई है।
प्रभारी पोस्टमास्टर व चेक क्लीरीयेंस कर्मी हैं साजिशकर्त्ता सूत्रों के अनुसार प्रभारी पोस्टमास्टर सुबोध कुमार और चेक क्लीरीयेंस कर्मी अमर कुमार मुख्य साजिशकर्ता हैं। डाक अधीक्षक ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। जिन चेकों से राशि की निकासी हुई है।
वे सभी चेक के कस्टोडियन अमर कुमार हैं। पूरी योजनाबद्ध तरीके से घोटाले की साजिश रची गई है। सुबोध कुमार का रिटायरमेंट में करीब 6 माह बचा हुआ है। साथ अन्य घोटालेबाजों भी रिटायरमेंट के करीब हैं।

चेक कस्टोडियन ने बिना किसी मांग के ही फर्जी निकासी किए गए डाकघर के लिए चेक की डिलीवरी की है। चेक डिलीवर रजिस्टर में साइन तो है, लेकिन पता गायब है। इस संबंध में सूत्र बताते हैं कि शक ना हो इसके लिए राउण्ड फिगर की राशि का चेक निर्गत नहीं किया गया है।
