बिहार में नई सरकार बनने के बाद लगातार विवादों का घेरा कसता जा रहा है. बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय के खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट का मामला अभी थमा भी नहीं था कि तेज प्रताप यादव की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे.

दरअसल, पदभार ग्रहण करने के बाद तेज प्रताप यादव लगातार तेजी दिखा रहे हैं और इसी बीच बुधवार और गुरुवार को उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों के साथ घंटों बैठक की. आश्चर्य की बात यह रही कि इन दोनों दिनों की बैठक में मीसा भारती के पति और लालू यादव के दामाद शैलेश मौजूद रहे. इस बात को लेकर तेज प्रताप पर भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने के आरोप लगने लगे.

दरअसल, इस मीटिंग की 4 तस्वीरें खुद तेज प्रताप यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से जारी की हैं. इसके अलावा इस मीटिंग के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. मंत्री तेज प्रताप के द्वारा ट्वीट की गई तस्वीरों में भी शैलेश बैठे नजर आ रहे हैं. तस्वीरें साझा करते हुए तेज प्रताप ने लिखा ‘पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यालय में सभी अधिकारियों के साथ बैठक किया साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिया जल्द से जल्द सभी योजनाओं पूरा किया जाए ।

राजद प्रवक्ता का तर्क
जब इस बारे में राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह से पूछा गया कि आखिर किस हैसियत से विभागीय मीटिंग में शैलेश बैठे थे, तो उन्होंने बताया कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. शक्ति सिंह का तर्क था कि अक्सर ऐसा होता है. मीटिंग चल रही होती है और किसी जरूरी काम से कोई वहां आ जाए तो उसे कहा जाता है कि थोड़ी देर बैठिए, मीटिंग खत्म होते के बाद आपसे बात करता हूं.

शक्ति सिंह अपनी बातचीत के पूरे दौर में तेज प्रताप की विभागीय मीटिंग में शैलेश की मौजूदगी को जस्टिफाइ करते नजर आए. हालांकि जब उनसे प्रोटोकॉल की बात पूछी गई तो वे इस सवाल से किनारा करते नजर आए और उन्होंने इस तरह की कई मीटिंग के दूसरे उदाहरण देकर समझाना चाहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. यह बिल्कुल सामान्य सी घटना है.



