बक्सर में गंगा वार्निंग लेवल से महज अब 22CM दूर है।वहीं, खतरे के निशान से 1 मीटर की दूरी पर है। शनिवार को गंगा के जलस्तर में 32 CM की बढ़ोतरी पाई गई है।केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार,शुक्रवार की शाम 7 बजे नदी का जलस्तर 58.77 पर था। वही शनिवार की दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 59.09 मिटर तक बढ़कर पहुंच गया है। जबकि बक्सर में वार्निग लेबल 59.32 है तो वही डेंजर का निशान 60.32 मिटर पर है।
![]()
गंगा के सभी घाटों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। रामरेखा घाट स्थित विवाह मंडप में पानी घूंस गया है। वही महादेव घाट पूरी तरह डूब गया है पानी का रुख आगे की तरफ बढ़ गया है। वही चौसा श्मशान घाट,बक्सर मुक्तिधाम में पहुचने वाले लोगो का दाह संस्कार करने का स्थान बदल गया है। निजी खेतो के पास तो श्मशान घाट के ऊपरी भाग में शवो का दाह संस्कार किया जा रहा है। वही गंगा नदी के तेजी से बढ़ने के कारण सहायक नदियां कर्मनाशा और ठोरा नदी का पानी दबाव के कारण गांवों की तरफ अपनी रुख कर लिए है।

पांच प्रखंडों पर बाढ़ का खतरा
गंगा नदी के बाढ़ से सबसे ज्यादा चौसा, बक्सर, सिमरी चक्की, ब्रह्मपुर प्रखण्ड इलाके के लोग प्रभावित होते हैं। गंगा की सहयोगी नदियों से प्रभाव पड़ता हैं।
ठोरा नदी में भी भारी दबाव से इटाढ़ीऔर राजपुर प्रखण्ड के कुछ इलाके प्रभावित होते हैं।हालांकि दो दिन पहले की अपेक्षा अब नदी की रफ्तार में कमी पाई गई है।एक सेंटीमीटर प्रति घण्टे की स्पीड से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

बीते चार दिन में 3 मीटर तक बढ़ा गंगा का जलस्तर
बुधवार को 56.12 मीटर पहुंचा था
गुरुवार को 58.00 मीटर पर पहुंच था

शुक्रवार को 58.77मीटर तक पहुंचा था,
शनिवार को दोपहर 12 बजे तक 59.09 मिटर पर पहुंच चुका है।



