कटिहार।दिल्ली की रहने वाली एक महिला अपने दो बच्चों के साथ अपने पति के घर पहुंची तो उनके साथ अ’मानवीय व्यवहार कर ससुराल पक्ष के लोगों ने घ’र से निकाल दिया। एक सप्ताह से महिला अपने दो बच्चों के साथ इंसाफ पाने के लिए द’र द’र की ठो’कर खा रही है। महिला के द्वारा मुफस्सिल थाना में आवेदन भी दिया गया है। फिलहाल महिला एक सप्ताह से कटिहार रेलवे स्टेशन पर अपना जीवन गुजार रही है। लेकिन पुलिस भी उस महिला का मदद नहीं कर रहे हैं। महिला ने मीडिया के समक्ष अपने दु’ख को व्यक्त कर इंसाफ की गु’हार लगाई है।
मामले के बारे में जानकारी देते पीड़ित महिला 30 वर्षीय रेनू देवी ने बताया कि 4 साल पूर्व दिल्ली में वह जहां रहती थी ठीक उसी के समीप कटिहार के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हफलागंज निवासी निशांत कुमार लिट्टी चोखा का दुकान लगाते थे।
इसी दौरान उन दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और घर आना जाना भी शुरू हुआ। महिला ने बताया कि उनकी शादी हो चुकी थी और उनके पहले पति की मौत हो गई। उन्हें दो बच्चे भी थे। इसके बावजूद निशांत ने उससे शादी करने का प्रस्ताव रखा।
कहा कि 4 साल पूर्व निशांत ने मंदिर में उससे शादी रचा ली। 4 साल तक सब कुछ ठीक-ठाक चला। इसके पश्चात निशांत पत्नी दोनों बच्चों के साथ कटिहार के हफलागंज पहुंच गये। लेकिन निशांत के परिवार वालों ने महिला और उन बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया है।
इसके बाद निशांत महिला और उनके बच्चों को लेकर कटिहार के बस अड्डा पहुंचा और वहां उसे रुकने के लिए कहा। इसके पश्चात वह वहां से चला गया। जब निशांत वापस नहीं लौटा तो महिला अपने बच्चों के साथ उनके घर गई। लेकिन ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे धक्का मार कर निकाल दिया। अब महिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है।

