पटना। विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में मानसून की बारिश सामान्य से काफी काम हुई है।
30 अगस्त 2022 तक राज्य में सामान्य बारिश 768.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन मात्र 471.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जो कि सामान्य से बहुत कम है। जिस कारण कई जिले में धान की रोपनी तक नहीं हुई है।
नालंदा के कई इलाकों का सोमवार को दौरा करने के बाद वीआईपी के प्रमुख सहनी ने बताया कि आंकड़ों को देखें तो बिहार के बाढ़ प्रभावित तीन जिलों (सुपौल-अररिया और किशनगंज) को छोड़कर बाकी 35 जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम है। साथ ही इस साल धान की रोपनी भी काफी कम हुई है, जहां हुई है वहां अब खेतों में दरारें फट रही हैं।
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वे राज्य का लगातार दौरा कर रहे हैं और जो स्थिति उभरी है उसमे भले सरकार 85 फीसदी रोपनी का दावा कर रही हो, लेकिन 40 प्रतिशत भी धान की फसल नहीं बचने वाली है।
साथ ही खाद की किल्लत और कालाबाज़ारी से भी किसानों को जूझना पड़ रहा है। खाद दोगुने दाम पर किसानों को खरीदना पड़ रहा है

