बिहार के भागलपुर में एक शख्स की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. घटना कुतुबगंज मोहल्ले की है जहां प्लॉटर अमरेंद्र सिंह को अपराधियों ने अपना निशाना बनाते हुए गोलियां मारी. हत्या की इस घटना के बाद पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं. लोगों का आरोप है कि बबरगंज थाना पुलिस और वरीय पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही ये घटना हुई है.

दरअसल 3 जून को मृतक के घर पर फायरिंग की गई थी जिसके बाद बबरगंज थाने में मृतक के द्वारा कारु यादव उर्फ अजीत यादव के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया था लेकिन पुलिस की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई थी. पुलिस ने ना तो मृतक के घर पर जाकर जांच की और ना ही उनके घर से खोखा बरामद किया. वहीं कारू यादव को पुलिस थाने तो जरूर लाई थी लेकिन महज कुछ ही देर में उसे बांड भरा कर छोड़ दिया गया था. इसके बाद अपराधियों का मनोबल बढ़ गया और अपराधियों के द्वारा हत्याकांड को अंजाम दे दिया गय.

मृतक थाने से लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारियों के पास गुहार लगा चुका था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. हत्या की इस घटना के बाद दलबल के साथ सिटी एसपी, एएसपी, ट्रेनी एएसपी सहित कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है. पुलिस टीम बनाकर अपराधियों की गिरफ्तारी कर लेने की बात कह रही है.

पूरे मामले के बारे में पूछे जाने पर मौत के बाद उस पर भी जांच की बात कही जा रही है. लोगों का आरोप है कि भागलपुर पुलिस ने मृतक की बात ठीक से सुनी होती और अपराधी को पकड़ कर जेल भेज दिया होता तो आज अमरेंद्र सिंह जिंदा होता लेकिन पुलिस का लापरवाह रवैया कहीं ना कहीं इस हत्याकांड मैं साफ तौर पर नजर आ रहा है.





