पटना : पीएफआइ और एसडीपीआइ से जुड़े केस की छानबीन में जुटी एनआइए और ईडी की गुरुवार को अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई हो रही है। देश भर के 80 से ज्यादा ठि) कानों पर छा) पेमारी की जा रही है। बिहार में भी पूर्णिया, अररिया और औरंगाबाद के अलावा औरंगाबाद-गया मार्ग पर छा) पेमारी की सूचना है। सूत्रों के अनुसार एक सौ से ज्यादा लोगों को हि) रासत में लिया गया है। बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह सीमांचल के दौरे पर आने वाले हैं। उससे पूर्व यह बड़ी का’र्रवाई की गई है। पूर्णिया में कई अधिकारी छा’पेमारी में शामिल हैं।
पूर्णिया के राजावाडी स्थित पीएफआई के कार्यालय में रात दो बजे से ही छा’पेमारी चल रही है। छा’पामारी को लेकर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तै’नात किया गया है। सूत्रों का कहना है कि एनआइए की टीम पीएफआइ के जिला अध्यक्ष सहित कई सदस्यों को हि’रासत में लेकर पू’छताछ भी कर रही है।
हालांकि इस पू’छताछ में एनआईए की टीम को क्या जानकारी मिली है इसका खु’लासा नहीं हो पाया है। 23 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह के पूर्णिया में होने वाली जनसभा के पूर्व पीएफआई के कार्यालय में एनआइए की यह छा’पामारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बता दें कि पीएम मोदी के बिहार आगमन के पहले पटना के फुलवारीशरीफ में बड़ी सा’जिश का खु’लासा हुआ था। मामला सामने आने के बाद सु’रक्षा ए’जेंसियों के का’न खड़े हुए थे। जांच शुरू हुई तो फिर आ’तंक की ग’हरी जड़ें उ’खड़ने लगी। इसके बाद तो पाकिस्तान से तार जुड़ने तक के साक्ष्य भी मिले।
इसके बाद टे’रर फंडिंग और युवाओं को आ’तंक के राह पर ध’केलने की पीएफआइ और एसडीपीआइ की सा’जिश की जांच एनआइए और ईडी कर रही है। गृह मंत्री के कार्यक्रम से एक दिन पहले जांच एजेंसियों की यह का’र्रवाई क्यों हुई है इसका पता तो बाद में चलेगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों को कुछ पु’ख्ता साक्ष्य मिले थे। इसी आधार पर का’र्रवाई की गई।



